नवंबर से शुरू हो रहे रिटर्न एशेज सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया अपनी तैयारियों में जुट गया है और अपनी पहली रणनीति का खुलासा कर दिया है।
तीन महीने पहले इंग्लैंड में 0-3 से एशेज सीरीज गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया अपने घर में इंग्लैंड को मात देने की हर योजना पर काम करना शुरू कर दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम आगामी एशेज सीरीज में इंग्लैंड को कोई प्रतिस्पर्धी फायदा नहीं मिलने देना चाहती। इसलिए वह अपने खिलाड़ियों की चोटों की सूचना का खुलासा भी नहीं करेगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के टीम प्रदर्शन के महाप्रबंधक पैट होवार्ड के अनुसार अधिकारी तब तक खिलाड़ी की चोट की स्थिति का खुलासा नहीं करेंगे जब तक खिलाड़ी के टेस्ट में खेलने की संभावना खत्म नहीं हो जाती।
कई खिलाड़ी हैं चोटिल
पहला टेस्ट ब्रिसबेन के गाबा में 21 नवंबर से शुरू होगा। माइकल क्लार्क की टीम में पहले ही चोटों के कारण खिलाड़ी बाहर हैं, जिनमें पेसर मिशल स्टार्क, जेम्स पैटिंसन और जैकसन बर्ड शामिल हैं जबकि खुद कप्तान को पीठ की समस्या है।
लेकिन इंग्लैंड में जुलाई-अगस्त में एशेज सीरीज 0-3 से गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी अपना रवैया बदल रहे हैं, जिसमें टीम की चोटों की स्थिति से शुरुआत की गई है।
पैट होवार्ड ने कहा, "अगर एक खिलाड़ी चोटिल होता है, जिससे वह मैच में खेलने में असमर्थ रहता है तो हम आपको बताएंगे। लेकिन अगर वह मैच से बाहर नहीं होता है तो हमारे पास खिलाड़ी को एक दिन या 36 घंटे में खिलाने का मौका है। अगर वह मैच खेल सकता है और खेलना जारी रख सकता है लेकिन उसे मामूली पैर की चोट है तो निश्चित रूप से हम आपको इसके बारे में नहीं बताएंगे।"
'नए बल्लेबाजों पर करें भरोसा'
ऑस्ट्रेलियाई टीम के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने सुझाव दिया है कि आगामी एशेज सीरीज के लिए नए बल्लेबाजों के साथ ही खेलना चाहिए। चयनकर्ताओं को क्विक फिक्स की तलाश नहीं करनी चाहिए।
पोंटिंग ने ‘द ऑस्ट्रेलियन’ के साथ कहा कि प्रबंधन को उस्मान ख्वाजा और फिल ह्यूग्स को आगे बढ़ाना चाहिए क्योंकि दोनों आजकल उपलब्ध खिलाड़ियों में सबसे अच्छे है।
रिकी पोंटिंग ने दावा किया कि माइकल क्लार्क की कप्तानी अभी प्रगति कर रही है। हर आदमी यह मानता है कि हमारी गेंदबाजी बहुत अच्छी है लेकिन बल्लेबाजी में अगला माइकल क्लार्क कहां से आएगा।