पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को 32 रन से हरा दिया। जॉर्ज बैली के 70, ओपनर डेविड वार्नर के 46, ऐरोन फिंच और मैथ्यू वेड के 35-35 रन की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 300 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 48.1 ओवर में 268 रन बनाकर सिमट गई। 4 विकेट 76 रन पर गिर जाने के बाद कप्तान एबी डीविलियर्स (80) और डेविड मिलर (65) ने पांचवें विकेट के लिए 126 रन जोड़ टीम को 202 रन तक पहुंचाया लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर वापसी करते हुए 20 रन के भीतर दक्षिण अफ्रीका के 5 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया।
हालांकि आखिरी विकेट के लिए इमरान ताहिर और मोर्ने मोर्कल ने 46 रन की साझेदारी कर एक बार फिर हिम्मत दिखाई लेकिन मैक्सवेल ने ताहिर को आउट कर आखिरी उम्मीद भी ध्वस्त कर दी। 4 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के कुल्टर नाइल ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दोनों के कई दिलचस्प बातें हुई, जिसे आगे भी याद रखा जाएगा। फिलहाल सीरीज का दूसरा मैच 16 नवंबर को पर्थ में ही खेला जाएगा।
डीविलियर्स ने तोड़ा गांगुली का रिकॉर्ड, कोहली से खतरा
पर्थ में मिली जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर अपने जीत-हार के अंतर को और बेहतर कर दिया। 2010 से लेकर कंगारुओं का रिकॉर्ड 7-1 (जीत-हार) हो गया है। इस दौरान कंगारुओं को एकमात्र इस साल की शुरुआत में मिली जब इंग्लैंड ने हराया था।
भले ही दक्षिण अफ्रीका की टीम को रोमांचक संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन उसके कप्तान एबी डीबिलियर्स ने एक कीर्तिमान ही रच दिया। डीबिलियर्स ने अपनी 80 रनों की पारी के दौरान टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वनडे में सबसे तेज 7 हजार रन बनाने का रिकॉर्ड रच दिया। उन्होंने 166 पारियों में इस उपलब्धि को हासिल किया। गांगुली ने 174 पारियों में इस मुकाम को छुआ था।
हालांकि डीविलियर्स का यह रिकॉर्ड ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा क्योंकि भारतीय कप्तान विराट कोहली (6069 रन, 137 पारी) और दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला (4798 रन, 96 पारियां) काफी तेजी से इस रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं। डीविलियर्स ने पिछली 20 वनडे पारियों में 1124 रन ठोक चुके हैं, जिसमें उन्होंने 4 शतक और 6 अर्धशतक लगाए हैं।
डीविलियर्स ने डेविड मिलर (65) के साथ पांचवें विकेट के लिए 126 रनों की शतकीय साझेदारी की जो उसकी टीम के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
क्रीज पर आए हर कंगारू बल्लेबाजों ने लगाया चौका
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी के दौरान पहली बार एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। क्रीज पर आए सभी 10 बल्लेबाजों ने चौके या छक्के लगाए। ऑस्ट्रेलियाई टीम की ओर से ऐसा पहली बार हुआ है जब उसकी टीम की ओर से बल्लेबाजी करने आए सभी बल्लेबाजों ने चौके लगाए हों, उनमें से 3 बल्लेबाजों ने तो छक्के भी लगाए। कंगारू टीम की ओर से मैच में कुल 21 चौके और 7 छक्के लगे। सबसे ज्यादा 5 चौके ग्लेन मैक्सवेल ने लगाए। जहां तक ओवरऑल रिकॉर्ड की बात है तो ऐसा 10 बार हो चुका है कि क्रीज पर आए 10 बल्लेबाजों ने चौके या छक्के जड़े हैं, लेकिन 11 बल्लेबाजों का रिकॉर्ड अभी तक नहीं बना है।
हर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने चौके लगाने के साथ-साथ एक और अनोखा कीर्तिमान रचने से चूक गए। उसके 10 में से 9 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा छुआ। जबकि नाथन कटलर नील 9 रन बनाकर नाबाद रहे और वह एक रन से दहाई के आंकड़े को छूने से रह गए क्योंकि टीम ने अपने 50 ओवर खेल लिए थे। अगर नाथन 10 रन बना लेते तो वनडे क्रिकेट में ऐसा पहली बार होता जब ऑस्ट्रेलियाई टीम के सभी 10 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया हो।
वैसे ओवरऑल वनडे क्रिकेट में ऐसा सिर्फ 4 बार ही हुआ है कि किसी एक मैच में एक टीम के 10 बल्लेबाजों ने दहाई का स्कोर किया हो। हालांकि किसी भी टीम के सभी 11 बल्लेबाजों ने आज तक दहाई के आंकड़े को पार करने का कारनामा नहीं किया है। वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और जिंबाब्वे के अलावा भारतीय बल्लेबाज ऐसा कर चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने 78वीं बार 300 से ज्यादा का स्कोर वनडे मैच में किया है, उससे आगे सिर्फ टीम इंडिया है जिसने रिकॉर्ड 82 बार इस आंकड़े को पार किया है। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने 68 मैचों में जीत हासिल की, जबकि भारत केवल 66 मैच ही जीत सका।