भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही टेस्ट सीरीज एक बार फिर से नस्लीय विवाद के साये में आ गई है। शनिवार को मैच के तीसरे दिन के बाद चौथे दिन भी मोहम्मद सिराज से अभद्रता की गई। उत्पाती फैंस ने नस्लभेदी टिप्पणियां की। इस घटना के सामने आने के बाद 13 साल पुरानी कड़वी यादें फिर से ताजा हो गईं। यह पढ़ें: सिराज पर फिर नस्लीय टिप्पणी, ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ने मांगी माफी, पुलिस ने छह फैंस को बाहर किया
विज्ञापन
2 of 4
bhajji symonds
बात करें साल 2008 के हरभजन-सायमंड्स मंकीगेट विवाद की तो वो एक ऐसी घटना थी, जिसने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था। भारत का 2008 का तब का ऑस्ट्रेलिया दौरा नस्लभेदी टिप्पणी की वजहों से बड़े विवादों में रहा था।
विज्ञापन
3 of 4
andrew symonds
खराब अंपायरिंग, निजी टिप्पणियां जैसे कई वाकये ऐसे हुए जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया। इसमें ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एंड्रयू सायमंड्स और भारतीय गेंदबाज हरभजन सिंह के बीच की बहस ने ज्यादा माहौल खराब किया।
नौबत यहां तक आ गई थी कि बीसीसीआई ने दौरे को बीच में ही खत्म करने की धमकी दे डाली थी। दरअसल सायमंड्स ने यह आरोप लगाया था कि हरभजन ने उन्हें मंकी (बंदर) कहा था और यह नस्लभेदी टिप्पणी है। मामला सिडनी कोर्ट तक पहुंचा जहां आरोपों की जांच के लिए एक अनुशासनात्मक पैनल का गठन किया गया। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भज्जी के बारे में उल्टी-सीधी बातें लिखी। पूरे मामले में हरभजन पर पहले तीन टेस्ट मैच का बैन और मैच फीस का 50 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया। लेकिन बाद में सचिन तेंदुलकर के बयान सुनने के बाद भज्जी के ऊपर से बैन हटा लिया गया।