बीसीसीआई और लोढ़ा समिति के बीच चल रहे विवाद में अब केंद्र सरकार भी कूद पड़ी है। एटर्नी जनरल मुकुल रोहातगी ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है कि वो इस मामले में अपने फैसले पर पुन: विचार करे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बोर्ड के टॉप अधिकारियों को पद से हटाया था।
एटर्नी जनरल ने कहा कि बीसीसीआई एक प्राइवेट संस्था है, जिसका असर सरकार पर भी पड़ता है। सरकार ने रेलवे, सेना और युनिवर्सिटीज की ओर से याचिका दायर की है, जिसमें सरकारी महकमों के लोगों के पदासीन होने के फैसले को वापिस लेने के मांग की गई है। इसके साथ सेना, रेलवे और विश्वविद्यालयों को वोट देने का भी अधिकार नहीं होगा।