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बीसीसीआई की सफाई, रवि शास्त्री को क्यों नहीं बनाया मुख्य कोच!

Tue, 28 Jun 2016 06:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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रवि शास्त्री
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रवि शास्त्री और सौरव गांगुली के बीच कोच चयन को लेकर जारी विवाद के बीच बीसीसीआई ने खुलासा किया है कि उन्हें आखिर मुख्य कोच क्यों नहीं बनाया गया। 
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भले ही टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर शास्त्री और गांगुली के बीच विवाद अभी खत्म होता नहीं दिख रहा हो, लेकिन मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट सलाहकार समिति जिसमें सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली शामिल थे, ने बीसीसीआई के सामने शास्त्री को बतौर बल्लेबाजी कोच के रूप में नियुक्त करने का सुझाव दिया था, लेकिन बोर्ड भारतीय टीम के लिए मुख्य कोच का चयन चाहता था।

बीसीसीआई ने क्रिकेट समिति से कह रखा था कि वह टीम इंडिया के लिए मुख्य कोच का चयन करें। शास्त्री जो आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया के क्रिकेट डायरेक्टर के रूप में काम करते रहे ने भी मुख्य कोच के लिए आवेदन किया था। क्रिकेट समिति के सामने 21 जून को हुए इंटरव्यू में उन्होंने अपना प्रजेंटेशन भी दिया, साथ ही बैंकाक से अपना इंटरव्यू दिया था।
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रिपोर्ट्स के अनुसार शास्त्री के साथ टॉम मूडी और अनिल कुंबले भी मुख्य कोच की रेस में शामिल थे और समिति ने शास्त्री का नाम बल्लेबाजी कोच के लिए प्रस्तावित किया था, लेकिन बोर्ड सचिव अजय शिर्के ने इंडियन एक्सप्रेस से बताया कि यह सात-आठ घंटे तक चली मीटिंग थी, और आईडीयाज ऊपर से जा रहे थे। लेकिन समिति ने शास्त्री का नाम बल्लेबाजी कोच के लिए प्रस्तावित किया था, जिस पर मैंने हस्तक्षेप भी किया। उन्होंने कहा, "समिति को यह हिदायत थी कि उन्हें मुख्य कोच का चयन करना है और मैंने सिर्फ उन्हें यह याद दिलाया था।"

उन्होंने कहा, "हमने सभी पेशेवर तरीकों को अपनाया है, मुख्य कोच के पास अपना सपोर्ट स्टाफ होगा। बीसीसीआई ने पारदर्शिता, पेशेवराना और उत्कृष्ठता को तरजीह दिया है।"

फिर भड़के शास्त्री, गांगुली से पूछो कि मुझसे क्या दिक्कत है उनको

टीम इंडिया का कोच बनने से चूकने के बाद रवि शास्त्री का गुस्सा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर उन्होंने सौरव गांगुली पर निशाना साधा है।

अनिल कुंबले को कोच बनाए जाने के तुरंत बाद इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में खुद के चयनित नहीं होने पर गहरी निराशा जताई थी और कहा था कि कोच चयन में अहम भूमिका निभाने वाले गांगुली उनके इंटरव्यू के दौरान बैठक में उपस्थित नहीं थे।

शास्त्री इंटरव्यू के दिन थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में थे और स्काईपी के जरिए बीसीसीआई की क्रिकेट समिति के सामने इंटरव्यू दिया था। करीब 2 साल तक टीम इंडिया के डायरेक्टर रहे शास्त्री ने एक बार फिर अपनी निराशा जताई है।

शास्त्री अब बैंकाक में अपनी छुट्टियां मनाकर वापस देश लौट आए हैं और उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए नए इंटरव्यू में कहा है कि उनके लिए पिछला हफ्ता खासकर वह दिन निराशा भरा रहा। लेकिन अब वह इससे आगे बढ़ गए हैं।
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'गांगुली की गैरहाजिरी पर उन्हीं से पूछे सवाल'

टीओआई के इस सवाल पर क्या आप मानते हैं कि बोर्ड आपके कार्यकाल का विस्तार देने को राजी नहीं था और इसीलिए नए कोच के चयन की यह पूरी प्रक्रिया अपनाई गई तो उन्होंने कहा कि यह बीसीसीआई का सिरदर्द है उनका नहीं।

क्या आप मानते हैं कि अनिल कुंबले का चयन पहले से तय था, इस पर शास्त्री ने कहा, "एक बार फिर मैं इस पर कुछ नहीं कहने जा रहा। मेरा काम टीम को तैयार करना था। मेरे पास योग्यता थी और मैं इसे करने में सक्षम था अब टीम इंडिया वर्ल्ड क्रिकेट के सभी फॉरमेट्स में शीर्ष 2 टीमों में शामिल है।"

क्या इंटरव्यू की प्रक्रिया पारदर्शी रहा, इस पर उन्होंने कहा, "मेरा काम इंटरव्यू देना था जो मैंने किया। अंदरखाने में क्या हुआ इसके बारे में मैं नहीं जानता।"

क्या आप यह सोचते हैं कि आप के इंटरव्यू के दौरान सौरव गांगुली चले गए थे और आप दोनों में मुख्य विवाद क्या है? इस सवाल पर शास्त्री ने कहा कि वह बस यही कह सकते हैं कि मेरे इंटरव्यू के दौरान गांगुली वहां मौजूद नहीं थे। आपको मुझसे यह सवाल पूछने के बजाए गांगुली से पूछना चाहिए थे कि उन्हें मुझसे क्या दिक्कत थी।

इंटरव्यू में आपके प्रस्तुतिकरण के शुरुआती अंश क्या थे इस पर उन्होंने कहा, "पहली बात यह मैंने किसी सीईओ के पद के लिए इंटरव्यू नहीं दिया था। मेरा सचिन तेंदुलकर, संजय जगदाले और वीवीएस लक्ष्मण के साथ भारतीय क्रिकेट के भविष्य काफी शानदार बातचीत हुई। टीम डायरेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान की कुछ अच्छी बातों पर भी चर्चा किया। मैं सोचता हूं कि विदेश में हमारे प्रदर्शन में सुधार आया। सबसे खास बात यह कि लड़कों ने काफी मेहनत किया और वे सफलता हासिल करने के लिए काफी उत्साहित हैं। हम टेस्ट में नंबर वन नहीं हैं तो इसका सबसे मुख्य कारण यह है कि हमने पिछले 6 महीने से एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है।"
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