राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के रवैये से नाराज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा संदेश देते हुए उनके दो कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। इन कार्यक्रमों में सुब्रमण्यम स्वामी वक्ता के तौर पर शामिल होने वाले थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक पार्टी ने ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वामी को लेकर सामने आए रुख के बाद लिया। बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी ने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं स्वामी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी हमले किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधा संदेश देते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति खुद को सिस्टम से बड़ा नहीं समझे। बीजेपी ने प्रधानमंत्री के इसी कथन को आधार पर बनाकर स्वामी को रोकने की कोशिश की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक स्वामी के खिलाफ बोलने को लेकर आलाकमान से कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले थे, जबकि वह लगातार टिप्पणियां कर रहे थे।
पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने लिया फैसला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक टीवी इंटरव्यू में सुब्रमण्यम स्वामी और रघुराम राजन को लेकर किए गए सवाल पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रघुराम राजन किसी से कम देशभक्त नहीं हैं। जो लोग उनके खिलाफ बोलते हैं, वे नाइंसाफी करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी शख्स खुद को सिस्टम से ऊपर न समझे। पब्लिसिटी के शौक से किसी का भला नहीं होने वाला है।
बीजेपी के सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि रघुराम राजन को लेकर शुरू हुए सभी विवाद पर प्रधानमंत्री ने खुद टिप्पणी करके पार्टी और सरकार का रुख साफ कर दिया। इस बारे में आखिरी फैसला प्रधानमंत्री मोदी का ही रहेगा।
फिलहाल देखना होगा कि क्या स्वामी पार्टी के निर्देशों को अपनाते हैं, उसका पालन करते हैं? इससे पहले पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी की उनके लिए राय बिल्कुल जुदा थी, लेकिन हाल के उनके बयानों से विवाद गहरा गया और यही उनके खिलाफ गया।
हालांकि सुब्रमण्यम स्वामी के लगातार जारी हमलावर तेवर को देखते हुए भी पार्टी आलाकमान उन पर कार्रवाई को लेकर ठोस फैसला नहीं ले सका है। हालांकि पार्टी उन पर सख्ती दिखाने की कोशिश कर रही है, जिससे और फजीहत से बचा जा सके।
स्वामी ने साधा जेटली और राजन पर निशाना
ये कोई पहली बार नहीं है पहले भी कई मौकों पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कई टिप्पणियां की हैं। लेकिन इस बार उनके बयान केंद्रीय अधिकारियों को लेकर आए हैं, खास कर उनके निशाने पर केंद्रीय वित्त मंत्री हैं।
सुब्रमण्यम स्वामी के हमलों को रोकने के लिए पार्टी ने खास रणनीति बनाई है। बीजेपी ने उन्हें टिप्पणी से रोकने के लिए अपने दो कार्यक्रमों को ही रद्द कर दिया। जिससे उन्हें बोलने से रोका जा सके।
इनमें से एक कार्यक्रम रविवार को मुंबई में था और दूसरा कार्यक्रम इसी हफ्ते चेन्नई में था, जिसे आरएसएस की ओर आयोजित किया जाना था। फिलहाल दोनों ही कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
इसके पीछे वजह है कि पार्टी इस स्थिति में नहीं है कि स्वामी को अपनी सरकार या फिर अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी करने से रोक सके, ऐसे उन्होंने कार्यक्रम स्थगित करना बेहतर समझा।