सलामी बल्लेबाज केएल राहुल के लिए यह ‘निराशाजनक’ है कि 2016 में पदार्पण करने के बाद से लेकर अब तक वह केवल 13 वनडे ही खेल पाए हैं लेकिन उन्होंने स्वीकार किया टीम में एक एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है और ऐसे में वह खीझकर चुपचाप बैठे नहीं रह सकते हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में राहुल ने सलामी बल्लेबाजी करते हुए 60 रन की पारी खेली। बावजूद इसके वह राशिद खान की एक गेंद में गैरजिम्मेदाराना ढंग से आउट हो गए। रिवर्स स्विप की कोशिश कर रहे राहुल को अंपायर ने जब पगबाधा आउट दिया तो उन्होंने डीआरएस ले लिया। जबकि साफ नजर आ रहा था कि वे विकेट के सामने पकड़े गए हैं।
इस बारे में राहुल ने बात करते हुए कहा कि, 'मुझे डीआरएस नहीं लेना चाहिए था। ये बेहद कठिन हो जाता है जब वनडे में आपके पास एक ही रीव्यू हो और लेकिन जब आप फील्ड में होते हो तो आपको पता नहीं लगता कि क्या वाकई आप आउट थे। खेल के आगे बढ़ने के साथ-साथ विकेट धीमा और स्पिन होना शुरू हो चुका था, बावजूद इसके पहले डीके अच्छा खेले बाद में जडेजा और चाहर ने अच्छी लड़ाई लड़ी।
बताते चलें कि राहुल का रीव्यू असफल होने के बाद टीम इंडिया की डीआरएस पावर खत्म हो चुकी थी। बाद में एमएस धोनी और कार्तिक को अंपायर का गलत निर्णय भारीू पड़ गया, क्योंकि भारतीय क्रिकेट टीम के पास फिर कोई रीव्यू ही नहीं बचा था।