वर्ल्ड कप 2015 का आज दूसरा दिन है और अब तब 4 मुकाबले खेले जा चुके हैं। शुरुआत रुझानों में इस बार क्रिकेट का महाकुंभ बल्लेबाजों के लिए बड़ा मुफीद बन दिख रहा है। आईसीसी के नए नियम भी बल्लेबाजों के पक्ष में झूकते दिख रहे हैं। लेकिन इसका फायदा सिर्फ पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ही उठा पा रही है जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पा रही।
14 फरवरी यानी वेलेंटाइन्स डे के दिन आईसीसी वर्ल्ड कप का आगाज हुआ। पहले दिन शनिवार को 2 मैच खेले गए फिर इसके बाद रविवार को भी 2 मैच हुए। टूर्नामेंट के शुरुआती 4 मैचों में एक बात गजब की हुई और वह है पहले बल्लेबाजी करने वाली सभी टीमों ने 300 या उससे ज्यादा का स्कोर किया।
टूर्नामेंट का चौथा मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में टीम इंडिया के बल्लेबाज चल गए जो इससे पहले त्रिकोणीय सीरीज में अपने कोटे के पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पा रहे थे। लेकिन इस मैच में भारत के 3 बड़े बल्लेबाजों ने फॉर्म में वापसी भी की और 300 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। साथ ही विपक्षी टीम को ऑलआउट कर 76 रनों से बड़ी जीत हासिल कर ली।
इसके अलावा पाक के खिलाफ इस महामुकाबले में फिरकी गेंदबाज आर अश्विन ने करिश्माई गेंदबाजी करते हुए वर्ल्ड कप में 36 साल पुराना रिकॉर्ड दोहरा दिया।
चारों टीम ने 300 से ज्यादा का टॉरगेट देकर जीते मुकाबले
शुरुआत में माना जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इस बार के वर्ल्ड कप में बड़े स्कोर खड़े नहीं होंगे लेकिन लगातार 4 मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 300 या उससे ज्यादा का स्कोर खड़ा किया है।
वर्ल्ड कप का उद्धाटन मैच क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच खेला गया जिसमें किवी टीम ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 331 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और श्रीलंका को 233 रनों पर आउट करते हुए मैच 98 रन से जीत लिया।
इसके बाद इसी दिन दूसरा मैच मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया जिसमें कंगारुओं ने 9 विकेट पर 342 रन बनाए और इंग्लैंड को 231 रन पर ही आउट कर मैच 111 रनों से जीत लिया।
टूर्नामेंट के दूसरे दिन खराब शुरुआत से उबरते हुए दक्षिण अफ्रीका ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 4 विकेट पर 334 रन बनाए और विपक्षी टीम को 277 रनों पर आउट कर जोरदार जीत हासिल कर ली। शुरुआती 3 मैचों में 300 से ज्यादा का लक्ष्य देने के बाद विपक्षी टीम को ऑलआउट कर बड़ी जीत भी हासिल की।
चौथा मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया जिसमें टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 300 रन बना लिए। भारत ने अंतिम गेंद पर 300 रनों का आंकड़ा छुआ। और उसने भी यह मैच जीत लिया।
36 साल बाद अश्विन ने भारतीय रिकॉर्ड को सुधारा
टीम इंडिया ने पाक के सामने जीत के लिए 301 रनों का बड़ा लक्ष्य देने के बाद शुरुआत से ही पाक बल्लेबाजों पर अंकुश बनाए रखा। मोहम्मद शमी ने चौथे ओवर में युनूस खान को आउट कर विकेट लेने की शुरुआत की, जिसके बाद पाक लगातार संघर्ष करता दिखा।
बीच के ओवरों में फिरकी गेंदबाज आर अश्विन ने पाक बल्लेबाजों पर 3 मेडन डालकर लगातार अंकुश बनाए रखा। 14वें ओवर से अपना स्पेल शुरू करने वाले अश्विन ने अपना पहला ओवर मेडन डाला। इसके बाद अपने दूसरे ओवर में 5 रन दे दिए। फिर अपने तीसरे ओवर में मेडन डालते हुए अंतिम गेंद पर हैरिस सोहैल (36) का विकेट लेकर मेडन विकेट हासिल किया। इसके बाद उन्होंने पाक पारी के 28वें और अपने पांचवें ओवर में एक भी रन नहीं दिया। इस तरह से उन्होंने 5 ओवर में 3 मेडन और एक विकेट के साथ सिर्फ 14 रन दिए।
उनकी यह बेहद अनुशासित गेंदबाजी ने 36 साल पुराने रिकॉर्ड को दोहरा दिया। 1979 में हुए वर्ल्ड कप में भारतीय फिरकी गेंदबाज एस वेंकटराघवन ने एक मैच में 3 मेडन ओवर डाले थे। राघवन ने तब 12 ओवर में 3 मेडन के साथ 30 रन दिए लेकिन वह कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए थे। जबकि आश्विन का रिकॉर्ड उससे कहीं बेहतर रहा और उन्होंने 8 ओवर में 3 मेडन के साथ 41 रन देकर एक विकेट झटक लिए।
जबकि वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने का रिकॉर्ड बिशन सिंह बेदी के नाम दर्ज है, जिन्होंने लीड्स में ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ 12 ओवर में 8 मेडन डाले और सिर्फ 6 रन देकर एक सफलता हासिल की। हालांकि उस दौरान वनडे मैच 60-60 ओवर के हुआ करते थे और गेंदबाजों के स्पेल 12-12 ओवर के होते थे।