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एशेज स्पेशलः जब पोंटिंग को आउट कर हीरो बना यह अनजान

Fri, 12 Jul 2013 01:43 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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क्रिकेट जगत की सबसे पुरानी और चर्चित सीरीज एशेज आज से शुरू होने जा रही है। माइकल क्लार्क की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई टीम, इंग्लैंड को कड़ी चुनौती पेश करने की तैयारी में है।
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एशेज सीरीज 1882 से खेली जा रही है। इस बार पांच मैच की एशेज सीरीज इंग्लैंड की मेजबानी में खेली जाएगी। दोनों टीमें तैयारी कर चुकी हैं और बुधवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच में अपना दमखम दिखाएंगी।

इतिहास की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का एशेज में दबदबा रहा है और टीम अब तक 31 बार सीरीज पर कब्जा जमा चुकी है। लेकिन इस बार हालात बदले नजर आ रहे हैं।

माइकल क्लार्क की कंगारू टीम की तुलना में एलिस्टर कुक का अंग्रेज दल मजबूत दिख रहा है। लेकिन हम यहां आपसे 130 साल पुरानी एशेज सीरीज के पांच प्रमुख पलों की चर्चा कर रहे हैं।
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खेल न हो इसलिए खोद दी पिच
1975 में एशेज सीरीज का तीसरा मैच लीड्स के हेडिंग्ले में खेला जा रहा था। इंग्लैंड पहली पारी में 288 रन बनाकर ऑल आउट हो गया था। जवाब में कंगारू टीम महज 135 रन पर ही सिमट गई।

दूसरी पारी में इंग्लैंड तीन सौ का आंकड़ा पार कर पाने में नाकाम रहा और 291 रन ही बना पाया। मैच में जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया को 445 रनों का लक्ष्य मिला। मेहमान टीम चौथे दिन के खेल के समापन के वक्त तीन विकेट पर 220 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी।

क्रिकेट प्रशंसक शानदार मैच देखने के लिए स्टेडियम पहुंचने लगे थे। लेकिन सुबह जब ग्राउंड्समैन मैदान पर पहुंचे तो वे पिच को देखकर हक्के-बक्के रह गए। पिछली रात किसी ने पिच बुरी तरह से खोद दी।

अज्ञात लोगों ने पिच खोदने के अलावा उस पर काफी तेल भी फैला दिया, जिससे मैच न हो पाए। अंततः पांचवें दिन का मैच नहीं खेला जा सका और मैच को ड्रॉ पर खत्म कर दिया गया।

जब बल्लेबाज को प्रशंसक ने मारा थप्पड़
कभी-कभी क्रिकेट प्रशंसक भी अपनी हदें इस कदर पार कर जाते हैं, जिसे क्रिकेटरों समेत सभी के लिए भूल पाना आसान नहीं होता। ऐसा ही एक वाकया घटा 1982-83 के एशेज सीरीज में।

पर्थ के वाका में पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा था कि इंग्लैंड की प्रशंसक टीम बार्मी आर्मी के कई सदस्य मैदान के अंदर घुस गए। इस बीच एक प्रशंसक दौड़ते हुए आया और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज टेरी एल्डरमैन को थप्पड़ जड़ दिया।

गुस्से में आए एल्डरमैन उसे पकड़ने के लिए तेजी से दौड़ पड़े और रग्बी खिलाड़ियों के अंदाज में लपककर उस सिरफिरे को गिरा दिया। दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई।

लेकिन इस संघर्ष के दौरान एल्डरमैन का कंधा हिल गया और वह दर्द से मैदान पर ही कराहने लगे। बाद में उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर पहुंचाया गया। इस हादसे के बाद वह एक साल तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे।

जब एल्युमिनियम के बैट से खेलने आए लिली
एशेज न सिर्फ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में ही पसंद की जाती है, बल्कि दुनिया के उन सभी जगहों पर इसके प्रशंसक हैं, जहां क्रिकेट है।

विवादास्पद वाकयों में एक दिलचस्प घटना उस समय घटी जब 1979 में पर्थ के वाका में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाज डेनिस लिली मैदान पर आए।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पहले दिन आठ विकेट पर 232 रन था और लिली नाबाद बल्लेबाज थे। लेकिन दूसरे दिन सुबह लिली अपने साथ एल्युमिनियम का बैट लेकर मैदान पर आ गए।

विपक्षी कप्तान ने इस बैट का विरोध किया और अंपायर से शिकायत की। उनका कहना था कि इससे गेंद खराब हो रही है। अंपायर ने लिली से बैट बदलने को कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया।

कंगारू टीम के कप्तान ग्रैग चैपल ने भी 12वें खिलाड़ी रुडनी हॉग को लकड़ी का बैट देकर मैदान पर भेजा। लेकिन लिली ने उसे लेने से इंकार कर दिया। 10 मिनट तक मैदान पर तनातनी रही और खेल शुरू नहीं हो सका।

कप्तान चैपल ने फिर से लकड़ी का बैट भेजा और लिली से सख्त लहजे में इसके साथ खेलने को कहा। पूरे विवाद में गुस्से में आ चुके लिली ने उस एल्युमिनियम बैट को वहीं पर फेंक दिया।

जब कप्तान ने दी एशेज से हटने की धमकी
एशेज को प्रशंसक कई विवादों के लिए भी याद करते हैं। उन्हीं रोचक यादों में एक है इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डिन का, जिन्होंने सीरीज के बीच में ही हटने की धमकी दे डाली।

ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि 1932-33 में एशेज सीरीज के दौरान चर्चित बॉडीलाइन विवाद पर इंग्लैंड की टीम को खेल के विपरीत व्यवहार दिखाने वाली टीम कहा गया। इस पर जार्डिन भड़क गए और उन्होंने इसे अपनी टीम का अपमान समझा।

उन्होंने सीरीज के बचे चौथे और पांचवें मैच से हटने की धमकी दे डाली। विवाद को बढ़ता देखकर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होने लगी और दोनों देशों के राजनयिक इस मामले को सुलझाने में जुट गए।

जार्डिन ने इस शर्त पर राजी हुए कि उनकी टीम से माफी मांगी जाए और पिवक्षी टीम लगाए आरोप को वापस ले।

तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने अपने देश के क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत की और सीरीज के बीच में खत्म होने से संबंध बिगड़ने और आर्थिक नुकसान पर चेताया। बाद में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने आरोप वापस लिए तब जाकर सीरीज बची।

जब अनजान गैरी प्रैट बन गए हीरो
2005 में एशेज सीरीज इंग्लैंड में खेली गई। पांच मैचों की सीरीज का चौथा मैच ट्रेंट ब्रिज में खेला जा रहा था। फॉलोऑन कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम संघर्ष कर रही थी।

कप्तान रिकी पोंटिंग शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्हें देखकर लग रहा था कि वह एक बड़ी पारी खेलेंगे। 48 रन के निजी स्कोर पर वह नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े थे। इसी दौरान वह एक गलती कर बैठे और उन्हें पवेलियन जाना पड़ा।

तेज गेंदबाज एंड्रयू फ्लिंटॉफ की गेंद को डैमियन मार्टिन ने कवर की दिशा में हल्के हाथ से शॉट खेला और एक रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन कवर में खड़े टीम के स्थानापन्न खिलाड़ी गैरी प्रैट ने सटीक थ्रो कर उन्हें रन आउट कर दिया।

गैरी प्रैट टीम के 12वें नंबर के खिलाड़ी थे और उस समय उन्हें कोई नहीं जानता था। हालांकि पोंटिंग को सटीक थ्रो से रन आउट करने के बाद वह पूरी इंग्लिश मीडिया में छा गए और लोकप्रिय हो गए।
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यह मैच ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट से गंवा दिया था।
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