एशेज सीरीज में 0-2 से पीछे चल रही ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने अपने उस धाकड़ बल्लेबाज को वापस बुला लिया है जिसे उसने कई बार अनुशासन तोड़ने पर टीम से निकाल दिया और दक्षिण अफ्रीका भेज दिया था।
ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में अपनी चुनौती बचाए रखने के लिए तीसरा मैच हर हाल में जीतना होगा। मेहमान टीम ऑस्ट्रेलिया तीसरा मैच बचाने के लिए पूरी तरह से जुगत में लगी हुई है।
एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच एक अगस्त से मैनचेस्टर में खेला जाएगा।
विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को उस प्रतिबंधित कर दिया गया था जब वह जून में चैंपियंस ट्रॉफी मुकाबले में चिर-प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के हाथों हार के बाद अगले दिन की सुबह बर्मिंघम में मेजबान टीम के बल्लेबाज जोई रुट से हाथापाई कर बैठे थे।
इस पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें एशेज सीरीज के शुरुआती मैच से बाहर कर दिया था। चयनकर्ताओं ने वॉर्नर को ऑस्ट्रेलियाई ए टीम के साथ और अभ्यास के लिए दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे दौरे पर भेज दिया।
वॉर्नर पांच मैचों की एशेज सीरीज के पहले दो टेस्ट मैचों से बाहर थे जिसमें ऑस्ट्रेलिया को पहले मैच में ट्रेंट ब्रिज में 14 रनों से और दूसरे मैच में लार्ड्स में 347 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा था।
पिछले हफ्ते 26 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज वॉर्नर ने प्रिटोरिया में चार दिवसीय अभ्यास मैच में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ 193 रनों की शानदार पारी खेली थी।
लेकिन बड़बोलेपन और उलझने में माहिर वॉर्नर ने मैच की दूसरी मैच के दौरान अफ्रीकी विकेटकीपर थामी सोलकेले के साथ कई बार स्लेजिंग (गाली-गलौज) की जिस कारण अंपायर ने उन्हें हिदायत भी दी थी।
इससे पहले भी वह कई मौकों पर अभद्र व्यवहार करते रहे हैं। ऐसे में उनके राष्ट्रीय टीम में शामिल होने पर सवाल उठ रहे थे लेकिन कंगारू टीम के प्रवक्ता ने वॉर्नर के टीम में शामिल होने की बात कहीं।