अफगान ने पेन को लिखे पत्र में कहा कि आईसीसी के नियमों के अनुसार, देश की टीम को न सिर्फ आगामी टी-20 विश्व कप बल्कि आईसीसी के अन्य टूर्नामेंटों में खेलने का भी अधिकार है। अफगान ने कहा, 'क्रिकेट में इस स्तर पर पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण की जरूरत होती है। अफगानिस्तान क्रिकेट में कम सुविधाओं वाला देश है, उसके पास आधारभूत ढांचा नहीं है, इसके बावजूद अभी हम जहां हैं और शीर्ष 10 देशों से कंधे से कंधा मिलाकर खेल रहे हैं, उसके लिए दृढ़ संकल्प, जुनून और प्रतिभा की जरूरत पड़ती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए आपको आक्रामक बयान देने से बचना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप अफगान क्रिकेट अलग थलग पड़ सकता है।' पूर्व कप्तान ने कहा कि अफगानिस्तान में अब क्रिकेट नंबर एक खेल है और लगभग तीन करोड़ अफगानिस्तानी उसका अनुसरण करते हैं। अफगान ने लिखा, 'इससे पता चलता है कि या तो आप परिस्थितियों से अनजान हैं या विरोधाभास में ऐसा बयान दे रहे हैं। कुछ भी हो आप अफगान क्रिकेट और पिछले एक दशक में कड़ी मेहनत से जो कुछ हासिल किया उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं।'
राशिद खान, रहमनउल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), हजरतउल्लाह जाजाई, उस्मान गनी, असगर अफगान, मोहम्मद नबी (कप्तान), नजीबुल्लाह जादरान, हसमतउल्लाह शाहिदी, मुहम्मद शहजाद, मुजीब उर रहमान, करीम जनत, गुलबदीन नायब, नवीन उल हक, हमीद हसन, शराफुद्दीन अशरफ, दौलत जादरान, शापूर जादरान और कैस अहमद।
रिजर्व: अफसर जजई और फरीद अहमद मलिक