भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के भारतीय क्रिकेट पर प्रभाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे खिलाड़ी होते हैं, जिनमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग या इन तीनों के दम पर मैच को प्रभावित करने की क्षमता होती है। दीप्ति शर्मा ने बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 विश्व कप मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पांच विकेट लेकर भारत की 64 रन की जीत में अहम योगदान दिया और टीम की जीत की बड़ी वजह बनीं।
भारत ही नहीं, विश्व क्रिकेट में भी खास हैं दीप्ति
अंजुम चोपड़ा ने पीटीआई से कहा कि उन्हें ऐसा कोई ऑलराउंडर याद नहीं है, जिसने भारत के लिए खेलते हुए लगातार इतना प्रभाव डाला हो। उनके अनुसार, भारत में ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट में भी बहुत कम खिलाड़ी ऐसे हैं, जो किसी भी टीम के लिए खेलते हुए लगातार अहम योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि दीप्ति भारत की सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शामिल हैं। उन्हें बड़े मंच पर प्रदर्शन करना पसंद है और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है।
दबाव वाले मैचों में प्रदर्शन करना पसंद करती हैं खिलाड़ी
अंजुम ने कहा कि सिर्फ दीप्ति ही नहीं, मौजूदा भारतीय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मुकाबलों में अपनी छाप छोड़ना पसंद करते हैं। उनके मुताबिक यही बात इस भारतीय टीम को खास बनाती है, क्योंकि खिलाड़ी दबाव भरे मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
स्मृति मंधाना पर रहेंगी भारत की उम्मीदें
अंजुम चोपड़ा ने कहा कि मौजूदा विश्व कप में भारत की संभावनाएं काफी हद तक स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना पर निर्भर करेंगी। उन्होंने स्मृति को एक स्टाइलिश और कुशल बल्लेबाज बताते हुए कहा कि वह लगातार रन बनाकर भारत को मैच जिताने में मदद करती हैं।
लगातार प्रदर्शन ने दिलाई खास पहचान
अंजुम ने कहा कि वह स्मृति को भारत की अब तक की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं कहेंगी, लेकिन वह निश्चित रूप से बेहतरीन बल्लेबाज हैं। लगातार रन बनाने की उनकी क्षमता ही उन्हें खास बनाती है और इसी कारण वह कई बार आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीत चुकी हैं।