पिछले लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर किए गए ऑफ स्पिनर अमित मिश्रा को इस बार पर्याप्त मौका मिला तो उन्होंने जमकर फायदा उठाया और चयनकर्ताओं को खासा प्रभावित भी किया।
विराट कोहली की कप्तानी में कई नए खिलाड़ियों के साथ टीम इंडिया पांच वनडे मैच खेलने जिम्बाब्वे गई थी। उसमें अमित मिश्रा ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने वनडे कॅरियर का आगाज तो 10 साल पहले ही कर लिया था पर उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले।
अमित ने वनडे कॅरियर का आगाज तो 13 अप्रैल, 2013 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ढाका में किया था। लेकिन इस मैच में उन्हें एक विकेट ही हासिल हुआ। इसके बाद 10 साल में वह महज 20 वनडे मैच ही खेल सके।
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इस बार कोहली ने उन पर अपना भरोसा दिखाया तो उन्होंने टीम को निराश नहीं किया। सीरीज के पांचों मैचों में अमित ने मेजबान बल्लेबाजों को खूब परेशान भी किया।
सीरीज के अंतिम मैच में अपने कॅरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अमित ने 18 विकेट चटकाकर किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में सर्वाधिक विकेट झटकने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
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उन्होंने अपने ही देश के तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। श्रीनाथ ने इससे पहले 2002-03 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 विकेट झटककर विश्व रिकॉर्ड रचा था।
इस मैच में अमित ने 8.5 ओवर में 48 रन देकर छह विकेट निकाले। यह उनके कॅरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।
जिम्बाब्वे आने से पहले उनके खाते में 15 मैच और 19 विकेट थे लेकिन सीरीज के बाद अब उनका रिकॉर्ड 20 मैच और 37 विकेट हो गया है।