अमर उजाला संवाद 2023 के मन की जीत सत्र में सोमवार (19 जून) को भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग पहुंचे। उन्होंने इस दौरान क्रिकेट से जुड़ी कई कहानियां सुनाई। सहवाग ने टीम इंडिया के भविष्य से लेकर आगामी विश्व कप को लेकर भी अपनी राय दी। सहवाग ने साथ ही अंपायरों के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी बताया। सहवाग ने मजाकिया अंदाज में अंपायरों से मिलने वाले समर्थन के बारे में सुनाया।
सहवाग ने मजाकिया अंदाज में अंपायर से जुड़ा एक रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने अंपायर से दोस्ती और फायदे के सवाल पर कहा, ''दो चीजें हैं। पहला अंपायर के साथ और दूसरा इंटरव्यू लेने वाले एंकर से दोस्ती जरूरी है। इससे एंकर आपसे उल्टे-सीधे सवाल नहीं करेगा और अंपायर आपको गलत आउट नहीं देगा। एक पाकिस्तान के अंपायर थे असद रउफ। मैं पाकिस्तान के खिलाफ मोहाली में बल्लेबाजी कर रहा था, तो मैंने उनसे पूछा कि आपने पिछले मैच में युवराज सिंह आउट था तो आपने आउट नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि वह अपना लड़का है, उसे कैसे आउट दे दूं। फिर मैंने पूछा कि मैं किसका लड़का हूं। इस पर उन्होंने कहा कि तुम भी अपने लड़के हो, चिंता मत करो।''
सहवाग ने आगे बताया, ''इसके बाद ड्रिंक्स के दौरान उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे एक जोड़ी जूता, दो टीशर्ट, एक चश्मा चाहिए। मैंने दो जोड़ी जूते, आठ टीशर्ट और दो चश्मे दिए। इसके बाद उन्होंने मुझे अगले दो मैचों में आउट नहीं दिया। इस दोस्ती का फायदा मुझे मिला। जब आपने दोस्ती की है तो निभानी भी चाहिए। मैंने उन्हें जीते और टीशर्ट दिए तो उन्होंने दोस्ती निभाई मुझे नॉटआउट देकर।''
कोएर्टजन को दिया था पैड
सहवाग ने फिर दक्षिण अफ्रीका के रूडी कोएर्टजन को लेकर एक वाकया सुनाया। उन्होंने कहा, ''सचिन तेंदुलकर के जैसा पैड बेटे के लिए चाहिए थे। उन्होंने मुझसे पूछा कि ऐसे पैड मैं कहां से खरीद सकता हूं। मैंने पूछा कि किसके लिए चाहिए तो उन्होंने कहा कि बेटे के लिए। फिर मैच समाप्त हुआ तो मैंने पैड उतारकर उन्हें गिफ्ट में दे दिया। उन्होंने मुझे धन्यवाद दे दिया। इस पर मैंने कहा कि धन्यवाद की आवश्यकता नहीं है बस मुझे एक मैच में आउट मत दीजिएगा। उन्होंने एक क्या दो-तीन मैच में मुझे आउट नहीं दिया।''
सहवाग ने जब शेफर्ड के लिए किया था आइसक्रीम का प्रबंध
सहवाग ने इंग्लैंड के मशहूर अंपायर डेविड शेफर्ड की कहानी बताई। वीरू ने कहा, ''शेफर्ड एक बार भारत के दौरे पर आए थे। वह एक मैच में लेग अंपायर थे। मैं उनके बगल में स्क्वायर लेग पर फील्डिंग कर रहा था। मैंने उनसे पूछा कि डेविड आप कैसे हैं? उन्होंने कहा कि अच्छा हूं। फिर मैंने पूछा क्या भारत में आतिथ्य का आनंद ले रहे हैं तो उन्होंने हां कहा। फिर कहा कि सबकुछ तो ठीक है, लेकिन मुझे आइसक्रीम नहीं मिला। मैं इसके बाद ब्रेक के बहाने ड्रेसिंग रूम में गया। वहां कैटरर हेड को बुलाया और कहा कि अगर अंपायर रूम में वनीला, चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी फ्लेवर के आइसक्रीम टी ब्रेक में नहीं मिली तो आपकी नौकरी गई। मैं एसोसिएशन को बोल दूंगा।''
सहवाग ने आगे बताया, ''इसके बाद शेफर्ड जब टी ब्रेक में ड्रेसिंग रूम में गए तो उन्हें आइसक्रीम मिल गया। वह वापिस आए तो मैंने उनसे पूछा कि आइसक्रीम कैसा था? इस पर शेफर्ड ने कहा कि आपको कैसे पता चला? फिर मैंने कहा कि इसका प्रबंध मैंने किया। उन्होंने धन्यवाद कहा और पूछा कि मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं तो फिर मैंने कहा कि बस एक मैच में आउट मत देना।''