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Amar Ujala Samvad 2023: विराट-कुंबले विवाद के दौरान सहवाग को मिला था कोच बनने का ऑफर? जानें क्यों ठुकराया

Mon, 19 Jun 2023 06:22 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

अमर उजाला ने पूछा कि आज से 15 साल बाद जब आपके बच्चे बड़े हो जाएंगे तो क्या वह इस रोल के बारे में सोचेंगे। तो इस पर मजाकिया अंदाज में सहवाग ने कहा कि हां, बिल्कुल उनका सिलेक्शन करवाने के लिए जरूर कोच बनूंगा।
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वीरेंद्र सहवाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला संवाद 2023 के मन की जीत सत्र में वीरेंद्र सहवाग ने कई मजेदार किस्से सुनाए। इसमें से एक भारतीय टीम का कोच बनने का ऑफर भी रहा। मुल्तान के सुल्तान ने बताया कि उन्हें छह साल पहले टीम इंडिया का कोच बनने का ऑफर मिला था, लेकिन उनका मन नहीं था और उन्होंने इस वजह से इसे ठुकरा दिया था। सहवाग ने इस दौरान विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच विवाद का भी जिक्र किया।
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अमर उजाला ने जब उनसे यह सवाल पूछा कि भारतीय टीम का कोच बनने के लिए वह क्यों आगे नहीं आ रहे हैं? इसके जवाब में सहवाग ने कहा कि मैंने भरा था कोचिंग के लिए लेकिन मुझे सेलेक्ट नहीं किया गया। मुझे भी पता था मेरा सेलेक्शन नहीं होना है। मुझे तब के बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने रिक्वेस्ट किया था कि मैं कोच पद के लिए आवेदन भरूं। तो वो मुझसे मिले थे और मुझसे कहा था कि विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच कुछ अनबन है तो हम चाहते हैं कि आप टेकओवर कर लें कोच के तौर पर। तो मैंने तब उन्हें बोला था कि मेरा मन नहीं है कोच बनने का, क्योंकि भारतीय टीम के लिए करीब 15 साल खेला हूं और 15 वर्षों में मुश्किल से दो महीने परिवार के साथ समय बिता पाता था।

क्या है विराट-कुंबले विवाद?
दरअसल, 2016 में अनिल कुंबले भारतीय टीम के कोच बने थे। तब विराट कोहली टेस्ट में भारतीय टीम के कप्तान थे। 2017 की शुरुआत में धोनी के वनडे-टी20 की कप्तानी छोड़ने के बाद विराट ही लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में भी टीम इंडिया के कोच बने। हालांकि, तब कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि विराट और कुंबले में तालमेल नहीं है और दोनों के बीच विवाद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि कुंबले और विराट अपने मन मुताबिक प्लेइंग-11 चुनना चाहते थे और इसी वजह से विवाद बढ़ता गया। इसके बाद 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में हार के साथ ही कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद रवि शास्त्री टीम इंडिया के हेड कोच बने थे।

सहवाग ने कहा- कोच बन जाऊंगा तो वापस से भारतीय टीम को 8-9 महीने समय देना होगा। मेरे बच्चे बड़े हो रहे हैं। मुझे उनके साथ समय बिताना है। उन्हें क्रिकेट सिखानी है। खिलाना है। जिंदगी के बारे में बताना है। तो इस पर अमिताभ ने कहा था कि नहीं-नहीं आप एक टूर पर चले जाएं। फिर अगर आपका दिल करे तो रहिएगा, वरना ठीक है। इसके बाद मैंने ये बात पत्नी और बच्चों को बताया और उनसे पूछा, तो वो काफी उत्साहित थे कि आप वापस से टीम इंडिया के साथ यात्रा करेंगे। तो इसी जोश में मैंने भर दिया, लेकिन मुझे पता था कि मुझे मिलना नहीं है।
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सहवाग ने कहा- मैं इसलिए कोच बनने की कोशिश नहीं कर रहा या एप्लाई नहीं कर रहा, क्योंकि एक बार जॉइन करने पर वापस से आठ-नौ महीने टीम इंडिया के साथ ट्रैवल करना पड़ेगा और अभी मेरे बच्चों को मेरी जरूरत है। इस पर अमर उजाला ने पूछा कि आज से 15 साल बाद जब आपके बच्चे बड़े हो जाएंगे तो क्या वह इस रोल के बारे में सोचेंगे। तो इस पर मजाकिया अंदाज में सहवाग ने कहा कि हां, बिल्कुल उनका सिलेक्शन करवाने के लिए जरूर कोच बनूंगा। फिर वह हंसने लगे और कहा कि यह एक मजाक है। फिलहाल तीन चार साल मैं अपने बच्चों के सआथ रहना चाहता हूं और उन्हें क्रिकेट सिखाना चाहता हूं।
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