दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। सेंचुरियन टेस्ट जीतने के बाद भारतीय टीम को लगातार दो टेस्ट में शिकस्त मिली। केपटाउन टेस्ट में खेले गए आखिरी टेस्ट में हार के बाद अमर उजाला ने अपने पाठकों से पूछा था कि दक्षिण अफ्रीका में सीरीज हारने के बाद चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की जमकर आलोचना हो रही है। क्या अब इनकी जगह युवा खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए?
इसके जवाब में 86.68 प्रतिशत पाठकों का मानना है कि हां पुजारा-रहाणे की जगह युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाना चाहिए। वहीं, 13.32 प्रतिशत पाठकों का मानना है कि अभी भी टीम इंडिया को अपने सबसे अनुभवी मध्यक्रम की जोड़ी की जरूरत है। उनका मानना है कि पुजारा और रहाणे को अभी और टेस्ट खिलाया जाना चाहिए।
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में पुजारा और रहाणे कुल मिलाकर 260 रन ही बना पाए। रहाणे ने तीन मैचों की छह पारियों में 22.67 की औसत से 136 रन और पुजारा ने छह पारियों में 20.67 की औसत से 124 रन बनाए। इन दोनों से ज्यादा रन तो भारत ने वाइड और नो बॉल समेत एक्स्ट्रा से अर्जित किए। एक्स्ट्रा से भारत को तीन मैच मिलाकर 136 रन मिले। लगातार मौके मिलने के बावजूद फेल होने वाले इन दो दिग्गजों की विदाई अब करीब-करीब तय हो गई है।
रहाणे का निराशाजनक प्रदर्शन जारी
रहाणे के लिए पिछला एक-डेढ़ साल कुछ खास नहीं रहा है। उन्होंने पिछला शतक 26 दिसंबर 2020 को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाया था। रहाणे पिछले 384 दिन से शतक नहीं लगा सके हैं। पिछले 50 टेस्ट में उन्होंने 85 पारियों में 33.23 की औसत से 2659 रन बनाए हैं। इसमें चार शतक और 16 अर्धशतक शामिल है।
पुजारा ने 2019 में लगाया था पिछला शतक
वहीं पुजारा की बात करें तो उन्होंने पिछले तीन साल में कई यादगार पारियां खेली हैं, लेकिन एक भी शतक नहीं लगा सके हैं। पुजारा ने पिछला शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी नें तीन जनवरी, 2019 को लगाया था। 1107 दिनों से वह शतक नहीं लगा सके हैं।