दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डोनाल्ड ने अपने ट्विटर हैंडल पर दक्षिण अफ्रीका के वर्नोन फिलैंडर का जिक्र करते हुए लिखा, 'समझ नहीं पा रहा हूं कि आप उस गेंदबाज को ऐसे गेंदबाज (इशांत शर्मा) के लिए कैसे छोड़ सकते हो जो ज्यादा बाउंस हासिल कर पा रहा हो। भुवनेश्वर की गेंदबाजी इतनी सटीक है कि उसे छोड़ना इसी तरह है जैसे दक्षिण अफ्रीका अपने तेज गेंदबाज वर्नोन फिलैंडर को बाहर रख दे।'
फिलैंडर ने पहले टेस्ट में टीम इंडिया की दूसरी पारी को ध्वस्त करते हुए अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर छह विकेट हासिल किए थे। वहीं, टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज लक्ष्मण भी इस फैसले से हैरान थे। उन्होंने कहा, 'प्लेइंग इलेवन में भुवी को नहीं खिलाने का फैसला हैरान कर देने वाला था। पहले टेस्ट में गेंदबाजी का जौहर दिखाते हुए सबसे ज्यादा विकेट (छह विकेट) चटकाए थे और फिर संयम से खेलते हुए अच्छी बल्लेबाजी भी की थी। क्या इसमें कुछ कमी थी?'
वहीं, टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली और बायें हाथ के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने भी इस पर निराशा व्यक्त की। कांबली ने लिखा, 'विराट और टीम प्रबंधन अपने खिलाड़यों को हैरान कर रहा है और हमें संशय में डाल रहा है।'
वहीं, आरपी सिंह ने लिखा, 'धारणा सच नहीं होती, लेकिन यह इन दिनों सच्चाई से बड़ी है। शायद तभी भुवी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं है।' इससे पहले टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज सुनिल गवास्कर भी इस फैसले की आलोचना कर चुके हैं।
बता दें कि केपटाउन में खेले गए पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 286 रन पर सिमट गई थी, जिसके बाद टीम इंडिया 209 रन पर सिमटी। पहली पारी के आधार पर मेजबान टीम को 77 रन की बढ़त मिली थी। हालांकि, चौथे दिन दक्षिण अफ्रीका की टीम 130 रन पर ढेर हो गई और टीम इंडिया को 208 रन का लक्ष्य मिला। इसका पीछा करते हुए टीम इंडिया 135 रन पर ऑलआउट हो गई थी और टीम इंडिया को 72 रन से हार का सामना करना पड़ा था।