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टीम चयन के एवज में कॉल गर्ल मांग मामला: IPL चेयरमैन राजीव शुक्ला के करीबी का इस्तीफा

Fri, 20 Jul 2018 09:15 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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टीम चयन के बदले कॉल गर्ल मांग मामला: IPL चेयरमैन राजीव शुक्ला के करीबी का इस्तीफएक स्टिंग में फंसे उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के सचिव और आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला के निजी सचिव मोहम्मद अकरम सैफी ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

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एक निजी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों के चयन के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगने के बाद आखिरकार सैफी को इस्तीफा देना पड़ा।

इससे पहले बीसीसीआई ने अपनी भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) से मामले की जांच करने को कहा था। एक न्यूज चैनल ने शुक्ला के कार्यकारी सहायक अकरम सैफी और क्रिकेटर राहुल शर्मा की फोन पर हुई कथित बातचीत का प्रसारण किया था, जिसमें एक शख्स जिसे सैफी बताया गया है राज्य टीम में राहुल के चयन को सुनिश्चित करने के लिए 'नगदी और दूसरी चीजों' की मांग कर रहा है। 
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शुक्ला फिलहाल उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के सचिव भी हैं। राहुल शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य की टीम में शामिल करने के लिए सैफी ने उनसे घूस की मांग की थी। उन्होंने सैफी पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी जारी करने का आरोप लगाया।

बीसीसीआई ने कहा है कि इस दिशा में एक कमिश्नर की नियुक्ति की जाएगी। कमिश्नर की नियुक्ति के बाद आरोपी सैफी की प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। बीसीसीआई के नियम 32 के अनुसार किसी भी दुर्व्यवहार की जांच कमिश्नर के द्वारा की जाती है। जहां तक बात यूपीसीए की है तो राज्य संघ अपने नियमों के अनुसार फैसला लेगा। 

बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना 48 घंटे के अंदर कमिश्नर नियुक्त कर देंगे जो 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देंगे। उसके बाद यह रिपोर्ट बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति के पास जाएगी। सैफी ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

अधिकारियों के निजी स्टाफ का पैसा बोर्ड के कोष से

बीसीसीआई ने सैफी से किसी भी तरह से जुड़े होने से इनकार कर दिया। बोर्ड ने हालांकि माना कि सैफी को वेतन उनकी तरफ से दिया जाता है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'बीसीसीआई सिर्फ अपने प्राधिकारियों के निजी सहायकों के लिए राशि मुहैया करता है। अधिकारी अपने पसंद के कार्यकारी सहयोगी रखने को स्वतंत्र हैं और उनका वेतन हमारे कोष से दिया जाता है। बोर्ड का निजी स्टाफ से कोई लेना देना नहीं है।'
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48 : घंटे के अंदर बोर्ड करेगा जांच आयुक्त की नियुक्ति

15 : दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देंगे जांच आयुक्त

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