भारतीय टीम को एडिलेड टेस्ट में मिली हार के बाद एक सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या कप्तान रोहित शर्मा फिर अपने बल्लेबाजी स्थान पर परिवर्तन करेंगे? एडिलेड में पिंक बॉल से हुए टेस्ट में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए रोहित फ्लॉप रहे थे और ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना नहीं कर सके थे। रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने रोहित से ओपनिंग में लौटने की अपील की है, लेकिन तीसरे टेस्ट के लिए शायद ही रोहित अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करेंगे।
रोहित अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण शुरुआती टेस्ट में नहीं खेले थे। उनकी गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने यशस्वी जायसवाल के साथ पारी का आगाज करते हुए शानदार बल्लेबाजी की थी। भारतीय कप्तान ने एडिलेड में गुलाबी गेंद के टेस्ट में मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हुए तीन और छह रन बनाए थे। दूसरी ओर, राहुल भी इस मैच में प्रभाव छोड़ने में विफल रहे थे। राहुल के रन नहीं बनाने के बाद गावस्कर ने कहा था कि रोहित को ओपनिंग करने उतरना चाहिए, जबकि राहुल को मध्यक्रम में उतरना चाहिए। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन में 14 दिसंबर से होने वाले तीसरे टेस्ट में कूकाबुरा गेंद का इस्तेमाल होगा और इस गेंद से रोहित को पिंक बॉल की तुलना में खेलने में परेशानी नहीं होगी।
SENA देशों में कैसा है रोहित का प्रदर्शन?
SENA देशों यानी दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में रोहित के आंकड़ों को देखें तो 46 पारियों में उनका बल्लेबाजी औसत 30 से कम है, जबकि सलामी बल्लेबाज के रूप में 20 पारियों में एक शतक की मदद से उनका औसत 37.8 का है। उन्होंने 2021 में इंग्लैंड में पारी का आगाज करते हुए शानदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने द ओवल में शतक जड़ा था।
इस मामले पर बीसीसीआई के एक लेवल थ्री कोच से बात की तो उन्होंने रोहित की बल्लेबाजी में आई तकनीकी खामी का हवाला देते हुए न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा कि उनके लिए पारी का आगाज करना उतना अच्छा नहीं होगा। भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री और महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर का हालांकि मानना है कि रोहित को पारी का आगाज करना चाहिए।