कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है। कुछ क्रिकेटप्रेमियों को पृथ्वी शॉ में सचिन तेंदुलकर नजर आता है। वही कद-काठी और बल्लेबाजी का अंदाज।
सचिन-पृथ्वी दोनों ने ही स्कूल क्रिकेट में कमाल कर दुनिया को अपना परिचय दिया। कई शॉट्स देखकर आप यकीन भी न कर पाएंगे कि हेलमेट के अंदर सचिन नहीं बल्कि पृथ्वी हैं।
मार्च 1990 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच में सचिन जब चोटिल हुए तो उनके साथी खिलाड़ी और मौजूदा दौर के मशहूर कमेंटेटर विवेक राजदान गोद में उठाकर उन्हें फील्ड से बाहर लेकर गए थे।