भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। उनके स्थान पर शिवम दुबे को टीम में मौका मिल रहा है। दुबे ने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। अब क्रिकेट प्रशंसक और विशेषज्ञ इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि अगर हार्दिक की वापसी होती है तो क्या शिवम दुबे को बाहर कर दिया जाएगा? क्या हार्दिक और शिवम दुबे को एक साथ प्लेइंग-11 में रखना संभव होगा? इसे लेकर भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने अपनी राय रखी है।
आकाश चोपड़ा ने कहा कि भारत जून से वेस्टइंडीज और अमेरिका में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए दोनों ऑलराउंडर शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या को टीम में चुन सकता है। आकाश ने कहा कि दुबे उन्हें भारत के दिग्गज खिलाड़ी युवराज सिंह की याद दिलाते हैं। शिवम गेंदबाजों पर युवराज की तरह ही हमला करते हैं। आकाश का मानना है कि शिवम को बल्लेबाजी क्रम थोड़ा नीचे होना चाहिए।
आकाश चोपड़ा
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'शिवम अति सुंदरम'
चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''शिवम अति सुंदरम - उनकी ताकत जोरों से बोल रही है। मुझे लगा कि उन्हें तीसरे मैच में थोड़ा पहले भेजा गया था। आप संजू सैमसन या रिंकू सिंह में से किसी एक को उनके आगे भेज सकते थे। शिवम पारी को आगे बढ़ाने वाला बल्लेबाज नहीं है, वह एक हमलावर हैं। वह मुझे युवराज की याद दिलाते हैं। इसलिए आपको उन्हें क्रम में थोड़ा नीचे रखने की जरूरत है।''
शिवम दुबे एक वास्तविक दावेदार हैं: आकाश
पूर्व बल्लेबाज ने आगे कहा कि हार्दिक और दुबे दोनों को टी20 विश्व कप टीम में होना चाहिए। उन्होंने कहा, ''जिस तरह से उन्होंने पहले दो मैचों में छक्के लगाए, उनकी ताकत स्पष्ट थी। कुछ लोगों ने यहां तक कहा है कि हार्दिक को छोड़ दें और दुबे को चुनें। मैं कह रहा हूं कि दोनों को रखो। शिवम दुबे इन तीन मैचों के आधार पर एक वास्तविक दावेदार हैं।''
हार्दिक पांड्या
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हार्दिक को विश्व कप में लगी थी चोट
हार्दिक इस महीने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में नहीं खेल पाए। वह अपने टखने की चोट से उबर रहे हैं। हार्दिक 2023 वनडे विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते समय चोटिल हो गए थे। दुबे अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टी20 सीरीज का हिस्सा थे जहां उन्होंने तीन मैचों में 124 रन बनाए और दो विकेट लिए। आकाश ने कहा कि क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में ताकत को कभी भी कम नहीं आंका जाना चाहिए। खासकर कैरेबियाई और अमेरिका में पिचें स्पिनरों के अनुकूल होने की उम्मीद है। साथ ही वेस्टइंडीज में भी अच्छी-खासी बड़ी पिचें हैं।