टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
सर गारफील्ड सोबर्स ने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 160 पारियों में 8,032 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 57.78 रहा, जो उनके दौर के हिसाब से असाधारण माना जाता है।
उन्होंने अपने करियर में 26 शतक, 30 अर्धशतक, दो दोहरे शतक और एक तिहरा शतक लगाया। उनका सर्वोच्च स्कोर 365 रन* रहा, जो उस समय टेस्ट क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड था और कई वर्षों तक कायम रहा।
गेंद से भी रहे मैच विनर
सोबर्स सिर्फ महान बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि शानदार गेंदबाज भी थे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट लिए। उनका गेंदबाजी औसत 34.04 और इकोनॉमी 2.33 रही। उन्होंने छह बार पारी में पांच विकेट, आठ बार चार विकेट और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6/73 दर्ज की। सर गैरी सोबर्स बाएं हाथ के बेहद बहुमुखी गेंदबाज थे, जो लगभग हर तरह की गेंदबाजी करने में सक्षम थे।
टीम की जरूरत के मुताबिक वह लेफ्ट आर्म फास्ट-मीडियम, लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन या फिर लेफ्ट आर्म अनऑर्थोडॉक्स स्पिन (चाइनामैन) गेंदबाजी भी कर लेते थे। यही असाधारण बहुमुखी प्रतिभा उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों में शामिल करती है।
वनडे करियर भी रहा खास
सोबर्स ने अपने करियर में सिर्फ एक वनडे मैच खेला। इसमें उन्होंने कोई रन नहीं बनाया, लेकिन एक विकेट जरूर हासिल किया। हालांकि, उनका पूरा करियर टेस्ट क्रिकेट के स्वर्णिम दौर का प्रतीक माना जाता है।
सर गारफील्ड सोबर्स के टेस्ट आंकड़े
| रिकॉर्ड |
आंकड़े |
| टेस्ट मैच |
93 |
| रन |
8,032 |
| बल्लेबाजी औसत |
57.78 |
| सर्वोच्च स्कोर |
365* |
| शतक |
26 |
| अर्धशतक |
30 |
| विकेट |
235 |
| गेंदबाजी औसत |
34.04 |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी |
6/73 |
| पांच विकेट |
6 बार |
वेस्टइंडीज के कप्तान भी रह चुके सर गैरी सोबर्स
सर गैरी सोबर्स ने वेस्टइंडीज की कप्तानी भी की और कैरेबियाई देशों के साथ-साथ दुनिया भर की कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रेरित किया। क्रिकेट में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें 'नाइटहुड' की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्हें विजडन के 'क्रिकेटर्स ऑफ द सेंचुरी' में शामिल किया गया और आईसीसी हॉल ऑफ फेम में भी जगह मिली। ये सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि क्रिकेट पर उनका प्रभाव कितना विशाल और स्थायी रहा।
कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों की नजर में सर गारफील्ड सोबर्स से अधिक संपूर्ण क्रिकेटर आज तक कोई नहीं हुआ। क्रिकेट जगत में अपने डेब्यू के छह दशक से भी अधिक समय बाद भी सर गारफील्ड सोबर्स वही कसौटी हैं, जिस पर दुनिया के हर महान ऑलराउंडर को परखा जाता है।