इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के कार्यभार प्रबंधन को लेकर काफी विवाद हुआ था और कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसकी आलोचना भी की थी। बुमराह को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। बुमराह के वर्कलोड को लेकर हुई आलोचनाओं के बावजूद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने यह स्पष्ट कर दिया कि बुमराह को लेकर कार्यभार प्रबंध की योजना में कोई बदलाव नहीं होगा।
इंग्लैंड दौरे पर खेले थे तीन मैच
अगरकर ने साथ ही कहा कि वह चाहते हैं कि बुमराह सभी मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहें। बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में तीन मैच ही खेले थे। अब उन्हें नौ सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप के लिए टीम में जगह मिली है। अगरकर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि इस समय कोई लिखित योजना है। बेशक, इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के बाद अच्छा ब्रेक मिला है। टीम प्रबंधन या फिजियो या संबंधित लोग हमेशा संपर्क में रहते हैं। अभी ही नहीं बल्कि चोट लगने से पहले भी हम उसका ध्यान रखते थे क्योंकि हमें पता है कि वह कितना महत्वपूर्ण है।
अगरकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि बुमराह को भविष्य के महत्वपूर्ण मैचों के लिए उपलब्ध रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, जाहिर है कि हम चाहते हैं कि वह सभी बड़े मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहे। मैं जानता हूं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर मैच बड़ा होता है लेकिन विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी या इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी सीरीज होती हैं। हम चाहते हैं कि वह हर समय उपलब्ध रहे। अधिकतर तेज गेंदबाजों पर नजर रखी जाती है। पिछले दो-तीन साल में लगी चोट के कारण उस पर ध्यान है। उस पर अतिरिक्त नजर है क्योंकि वह बेजोड़ और विशेष है और इसमें बदलाव नहीं होगा। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा, फिर यह चाहे अगली सीरीज हो या छह महीने बाद।
टी20 विश्व कप के बाद बुमराह का पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट
अक्तूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के समीप होने के कारण आगामी महाद्वीपीय टूर्नामेंट के लिए बुमराह की उपलब्धता को लेकर संशय था। लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें चुनने का फैसला किया और पिछले साल के विश्व कप के बाद यह बुमराह का पहला टी20 टूर्नामेंट होगा। अगरकर ने कहा कि भविष्य के टूर्नामेंटों के लिए बुमराह का चयन उस समय उनकी शारीरिक स्थिति पर निर्भर करेगा और इस बारे में सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी।