आरसीबी के लगातार दूसरे आईपीएल खिताब के बाद बेंगलुरु में फैंस ने देर रात तक जश्न मनाया, लेकिन पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी। पिछले साल के चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन सतर्क रहा। वहीं, फ्रांस में पीएसजी की जीत के बाद जश्न हिंसा में बदल गया, जहां 780 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लगातार दूसरे आईपीएल खिताब ने पूरे बेंगलुरु को जश्न में डुबो दिया। अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस पर पांच विकेट की जीत के बाद शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में प्रशंसक उतर आए। हाथों में आरसीबी के झंडे और विराट कोहली के पोस्टर लिए फैंस देर रात तक जीत का उत्सव मनाते रहे।
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हालांकि, पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी, को देखते हुए इस बार पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। शहर के प्रमुख इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
फैंस ने मनाया जश्न, लेकिन नियमों के साथ
पुलिस की निगरानी के बीच आरसीबी समर्थकों ने सड़कों पर नाच-गाकर अपनी खुशी जाहिर की। फाइनल में विराट कोहली की नाबाद अर्धशतकीय पारी ने फैंस के उत्साह को और बढ़ा दिया। एक प्रशंसक ने कहा, 'हमें खुशी है कि आरसीबी ने लगातार दूसरा खिताब जीता, लेकिन फाइनल थोड़ा एकतरफा रहा। हमें उम्मीद थी कि गुजरात टाइटंस और कड़ी टक्कर देगा।' एक अन्य प्रशंसक ने कहा, 'मैं विराट कोहली का फैन हूं और इसी वजह से आरसीबी का समर्थन करता हूं। खुशी है कि विराट और टीम दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया।'
पुलिस ने पहले से कर रखी थी तैयारी
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही मजबूत कर दी गई थी। उन्होंने कहा, 'यह हमारी नियमित सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा था। हमने लोगों और प्रशंसकों से अपील की थी कि वे सही भावना के साथ जश्न मनाएं और शांति पसंद लोगों के लिए परेशानी न खड़ी करें।'
उन्होंने आगे कहा, 'बेंगलुरु एक शांतिपूर्ण शहर है और हम नहीं चाहते कि कुछ लोग इस माहौल को खराब करें। इसलिए पुलिस लगातार गश्त कर रही थी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया और कई संवेदनशील सड़कों को अस्थायी रूप से बंद किया गया।'
पीएसजी के जश्न ने दिखाया दूसरा चेहरा
जहां बेंगलुरु में जश्न नियंत्रित और शांतिपूर्ण रहा, वहीं फ्रांस में पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) की यूईएफए चैंपियंस लीग जीत के बाद हालात बिगड़ गए। जश्न कई जगह हिंसा में बदल गया और पूरे देश में 780 से अधिक लोगों को हिरासत में लेना पड़ा।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नूनेज के मुताबिक, 57 पुलिसकर्मी घायल हुए। कई जगह आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आईं। पेरिस और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा।
पिछले हादसे की याद अभी भी ताजा
आरसीबी के लिए यह जीत सिर्फ एक और ट्रॉफी नहीं थी। पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए भगदड़ हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उसी त्रासदी की याद में आरसीबी खिलाड़ियों ने पूरे सीजन जर्सी नंबर 11 पहनकर मैदान में उतरने का फैसला किया था। फ्रेंचाइजी और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने स्टेडियम में 11 स्थायी सीटें भी उन पीड़ितों की स्मृति में समर्पित की हैं।
Just look at the RCB fans Celebration after 2nd historical win 😂
कोहली ने फैंस को दिया श्रेय
फाइनल के बाद विराट कोहली ने आरसीबी समर्थकों की तारीफ करते हुए कहा, 'हमारे सात घरेलू मैच नहीं होते, हमारे 14 घरेलू मैच होते हैं।' कोहली का इशारा उन प्रशंसकों की ओर था, जो देश के हर मैदान में बड़ी संख्या में आरसीबी का समर्थन करने पहुंचते हैं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भी आरसीबी के समर्थकों की संख्या गुजरात टाइटंस के फैंस से कहीं अधिक नजर आई।
खिलाड़ियों ने भी मनाया जीत का जश्न
अहमदाबाद में जीत के बाद खिलाड़ियों और उनके परिवारों ने भी दो महीने लंबे आईपीएल अभियान के समाप्त होने का जश्न मनाया। विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा डांस फ्लोर पर नजर आए, जबकि कप्तान रजत पाटीदार के लिए यह जीत जन्मदिन के सबसे यादगार उपहारों में से एक बन गई। आरसीबी की इस ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर दिखाया कि खेल लोगों को जोड़ने का माध्यम है, लेकिन साथ ही यह भी कि जश्न तभी खूबसूरत होता है, जब वह जिम्मेदारी और संयम के साथ मनाया जाए।