लगातार हार से निराश एंजिलो मैथ्यूज ने श्रीलंका टीम की कप्तानी से सन्यास ले लिया है। अभी हाल ही में इस ऑलराउंडर ने टीम की कप्तानी छोड़ने की बात भी कही थी। जिसमें 30 वर्षीय श्रीलंकाई कप्तान ने कहा था कि इसे मेरे करियर का सबसे खराब दौर कह सकते हैं।
वनडे में 11वीं रैंकिंग की टीम जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को न केवल पांच मैचों की सीरीज 3-2 से हराया, बल्कि उसके खिलाफ पहली अंतरराष्ट्रीय वनडे सीरीज भी जीत ली। बता दें कि वनडे रैंकिंग में आठवे नंबर की टीम श्रीलंका को भारत के खिलाफ पांच वनडे मैचों की मेजबानी करनी है।
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका के वनडे प्रदर्शन में 2015 विश्वकप के बाद से लगातार गिरावट आई है। उसे इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज हार झेलनी पड़ी और बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में ड्रॉ से संतोष करना पड़ा था। उसे इस वर्ष इंग्लैंड की मेजबानी में सम्पन्न हुई चैंपियंस ट्रॉफी में भी ग्रुप चरण से बाहर हो जाना पड़ा था।
Angelo Mathews
इससे पहले मैथ्यूज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हार के बावजूद फिलहाल तो कप्तानी छोड़ने की संभावना से इंकार किया था। लेकिन उन्होंने इस बात के संकेत जरूर दिए कि वे 2019 विश्वकप में टीम के कप्तान नहीं होंगे। साथ ही चयनकर्ता भी कप्तानी को लेकर पुनर्विचार कर रहे थे।
उन्होंने कहा था, मैं अभी कप्तानी छोड़ने के बारे में विचार नहीं कर रहा हूं। इस विषय में अभी समय है। यह चयनकर्ताओं का निर्णय है और मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं। स्टार ऑलराउंडर ने कहा था, हमारे प्रदर्शन में एकरूपता नहीं है। टीम के सभी खिलाड़ियों के ऊपर दबाव है। हम आगे भी हारते हैं तो इस दबाव में निश्चित रूप से और इजाफा होगा।
हमारे पास जीत के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। हमें अपनी गलतियों से सीखते हुए जल्द से जल्द सुधार करना होगा। मैथ्यूज ने इस बारे में कहा, हमें आगे भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज की मेजबानी करनी है
लेकिन इससे पहले हमें जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच खेलना है और यह हमारे पास भारत जैसे कठिन प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सीरीज के पहले अपने प्रदर्शन में सुधार करने का यह आखिरी मौका होगा।