अमर उजाला संवाद में आकाश चोपड़ा ने 'पिच पर गपशप' सेशन में जब कैफ से पूछा कि क्या व्हाइट बॉल और रेड बॉल क्रिकेट में अलग टीम होनी चाहिए या जो प्रथा चल रही है कि एक ही खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट खेले, वैसा ही चलता रहे?
'हम-बीसीसीआई ब्रांड के पीछे भागते हैं'
इस पर कैफ ने कहा- भारतीय क्रिकेट जो है वो ब्रांड ड्रीवेन है। ब्रांड के पीछे हम भागते हैं। आईपीएल क्या है, वो मंच देता है, पर वो बिजनेस भी है। जो फ्रेंचाइजी के लोग टीम खरीदते हैं, वो ये नहीं देखते कि हमें खिलाड़ी को ग्रूम करना है। पर उनको अपनी जेबें भरनी हैं। ब्रांड मतलब विराट कोहली, रोहित शर्मा, शुभमन गिल बन रहे हैं। तो ये जो ब्रांड खिलाड़ी हैं, उनको आप दरकिनार नहीं कर पाओगे। जब ये लोग खेलते हैं, तो उत्साह बनता है, मीडिया फॉलो करती है, पैसे आते हैं। तो अलग टेस्ट बननी चाहिए, ये मुश्किल है।
कोहली ने क्यों लिया टेस्ट से संन्यास?
कैफ ने कहा- बीसीसीआई के ब्रांड खिलाड़ियों की जरूरत भी है। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ा है...अभी विराट का एक बयान आया था कि मैंने टेस्ट क्रिकेट इसलिए छोड़ा क्योंकि मुझे टीम में वेलकम फील नहीं हो रहा था। मुझे लग रहा था कि टीम में लोग चाह रहे थे मैं न रहूं। वो इसलिए छोड़कर गए। विराट का मानना था कि टेस्ट क्रिकेट सबसे मुश्किल फॉर्मेट है और मैं उदाहरण बनूंगा कि मैं टेस्ट मैच में पांच दिन खड़ा रहूंगा। उनका कहना था कि टेस्ट का प्लेयर बनना है मुझे, लेकिन अब वही विराट कोहली कह रहे हैं कि उन्हें टीम में वेलमक फील नहीं हो रहा। उन्हें ऐसा महसूस हो रहा कि टीम और टीम मैनेजमेंट के लोग कह रहे हैं- जाओ तुम जाओ, हम मैनेज कर लेंगे। उनको ऐसी फीलिंग आई, इसलिए उन्होंने रिटायरमेंट लिया है।
'फॉर्म वजह नहीं...', कैफ ने बताई इनसाइड स्टोरी
कैफ ने कहा- फॉर्म की बात तो अलग है। फॉर्म तो आता जाता रहता है। वो तो लाइफ का फंडा है। कभी बुरा तो कभी अच्छा दिन। पर उनका कहना था कि टीम के साथ साथ लोगों ने ऐसा महसूस कराया कि अब आपका टाइम आ गया है, अब आप टीम में वेलकम नहीं हो। इसलिए ब्रांड चाहिए होता है, पर विराट कोहली गए क्यों, क्योंकि उनको थोड़ा सा एक स्वागत एक एट होम फीलिंग जो होता है, वो नहीं मिल रहा था। उन्होंने भी कहा कि ठीक है यार देश के लिए इतनी कुर्बानी दी मैंने, इतने साल लगाए क्रिकेट पर, पसीना बहाया, सबकुछ बना कर दिया है, अब मुझे ऐसा फील हो रहा कि मेरी जरूरत नहीं है। तो वो चले गए भाई। लोग कह रहे हैं कि उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया, क्योंकि उनकी कॉल थी। मैं कहता हूं कि यह विराट की कॉल थी, पर ऐसे हालात पैदा हो गए कि उनको कॉल लेनी पड़ी।
'टेस्ट विराट कोहली का चहेता फॉर्मेट था'
कैफ ने कहा- लोग कह रहे कि विराट ने रिटायरमेंट ले ली क्योंकि टेस्ट में उनसे रन नहीं बन रहे थे, वो आउट ऑफ फॉर्म थे, इसलिए मना कर दिया। मैं बता दूं कि टेस्ट विराट का चहेता फॉर्मेट था। उनका पहला प्यार टेस्ट ही है। तो वो नहीं छोड़ते। कुछ ऐसा डेवलपमेंट हुआ कि उन्हें मजबूरी में बोलना पड़ा कि ठीक है मैं जा रहा हूं। इसलिए मैं कहूंगा कि ये बहुत मुश्किल काम है कि आप अलग अलग खिलाड़ियों को अलग अलग फॉर्मेट से जोड़ो।
टेस्ट छोड़, आईपीएल क्यों चुन रहे नए खिलाड़ी?
आकाश ने पूछा- क्या आजकल के जो बच्चे हैं, वो सिर्फ आईपीएल खेलना चाहते हैं या फिर उनमें भारत के लिए खेलने का भी उतना ही जज्बा है? इस पर कैफ ने जवाब दिया- आईपीएल में खेलने की चाहत है, ऐसा हो रहा है। तभी मैंने विराट कोहली का उदाहरण दिया। कोहली जैसा खिलाड़ी आपको टीम में चाहिए, अभी भी चाहिए। आईपीएल देखकर लोग बड़े हो रहे हैं। आजकल के बच्चों का जो उद्देश्य है, सपना है, वो आईपीएल खेलना है। उस तरह से वो तैयारी भी करके आते हैं। बच्चे छक्के मारने की प्रैक्टिस करके बड़े हो रहे हैं।'
कैफ ने कहा- इसलिए मैं कह रहा हूं कि विराट चाहिए। जब कोई नया बंदा कोहली को देखता है खेलते हुए तो सोचता है कि ये बोल भी रहा है और 100 भी मार रहा है। टेस्ट सबसे मुश्किल फॉर्मेट है। इसमें अगर आपने खुद को चुनौती दी और अच्छा किया, तो जो सुकून मिलता है, वह बता नहीं सकते। कोहली ने उदाहरण सेट किया। इसलिए अब जब वह प्रारूप छोड़ चुके हैं तो लोगों को लग रहा है कि टेस्ट मैच छोड़ो, आईपीएल खेलो। क्योंकि एक छक्के पर आप हीरो बन जाते हैं।
विराट कोहली ने कब और कैसे लिया था टेस्ट क्रिकेट से संन्यास?
विराट कोहली ने 12 मई 2025 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा था कि टेस्ट क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया और यह फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन उन्हें लगा कि अब सही समय आ गया है कि वे इस प्रारूप को अलविदा कहें। उनका आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान खेला गया था। संन्यास की घोषणा के साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक स्वर्णिम टेस्ट अध्याय का अंत हो गया।