भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि विराट कोहली के लिए 2027 वनडे विश्व कप से पहले 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का आंकड़ा छूना मुश्किल हो सकता है। उनका कहना है कि विश्व कप तक कोहली के पास इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए पर्याप्त मैच नहीं होंगे। हालांकि, नायर चाहते हैं कि कोहली यह मुकाम हासिल करें। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि कोहली विश्व कप के बाद भी खेलना जारी रख सकते हैं, लेकिन उस समय तक उनकी प्रेरणा पहले जैसी रहेगी या नहीं, यह देखना होगा।
विराट कोहली
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विश्व कप तक कोहली के पास नहीं होंगे पर्याप्त मैच
अभिषेक नायर ने जियोस्टार से बातचीत में कोहली के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि विश्व कप तक उनके पास उस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए पर्याप्त मैच हैं। मैं चाहता हूं कि वह ऐसा करें, लेकिन आपको भी आगे बढ़ने के लिए काफी मैच खेलने होंगे। हो सकता है कि वह विश्व कप के बाद भी खेलना जारी रखें, लेकिन मैं विश्व कप तक के समय के बारे में सोच रहा हूं। विश्व कप के बाद, उनकी प्रेरणा शायद वैसी न रहे।' नायर के इस बयान में कोहली के भविष्य को लेकर एक संभावना भी नजर आती है। उनके मुताबिक, विश्व कप के बाद कोहली का खेलना जारी रखना संभव है, लेकिन उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि तब उनकी प्रेरणा का स्तर कैसा रहेगा।
हार्दिक पांड्या
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हार्दिक के साथ एक और ऑलराउंडर तैयार करे भारत
नायर ने भारतीय टीम के भविष्य के संयोजन पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को हार्दिक पांड्या के साथ एक और ऑलराउंडर तैयार करना चाहिए। इससे टीम को खासकर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के दौरों पर अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा, 'भारत को भविष्य के बारे में सोचना चाहिए, जहां हार्दिक पांड्या के साथ एक और ऑलराउंडर खेल सकता है। जब आप न्यूजीलैंड जाते हैं, तो हो सकता है कि आपके पास ऐसे दो ऑलराउंड विकल्प हों क्योंकि गौतम गंभीर को बल्लेबाज पसंद हैं। अगर आप एक और ऑलराउंडर तैयार करते हैं, तो वे एक साथ खेल सकते हैं।'
नायर ने आगे कहा, 'अगर भारत दो अच्छे तेज गेंदबाजों और दो सीम-बॉलिंग ऑलराउंडरों के साथ खेल सकता है, तो टीम का संतुलन बेहतर होता है और इसमें गहराई मिलती है। दूसरी बात यह है कि जब आप दक्षिण अफ्रीका जाते हैं, तो यह काम आएगा क्योंकि अब आपके पास बल्लेबाजी के ज्यादा विकल्प हैं।'
अभिषेक नायर और गंभीर
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बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट को बताया बड़ी तैयारी का जरिया
अभिषेक नायर ने ट्राई-नेशन और इससे अधिक देशों की भागीदारी वाले टूर्नामेंट के महत्व पर भी बात की। उनका मानना है कि ऐसे टूर्नामेंट खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों और दबाव की परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं। खासकर जब किसी ट्रॉफी के लिए फाइनल खेलना हो, तो उसका अनुभव अलग होता है।
उन्होंने कहा, 'यह मजेदार है क्योंकि उन सीरीज को देखना, जहां आप ट्रॉफी जीतने के लिए फाइनल खेल रहे होते हैं, एक बहुत ही अलग एहसास होता है। यह आपको तैयार करता है और बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार करता है।' नायर ने आगे कहा, 'जब आप तीन या चार देशों वाली ट्रॉफी के लिए खेलते हैं, तो आप स्टैंडिंग में ऊपर-नीचे हो सकते हैं और हर मैच मायने रखता है। इसलिए, मुझे लगता है कि ट्राई-नेशन या उससे अधिक देशों के टूर्नामेंट जैसा कुछ नहीं है।'