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अंतरिक्ष में भोजन: वहां खाना बेमजा क्यों है... भोज्य पदार्थ की सुगंध को अनुकूलित करने से बदल सकती है तस्वीर

जूलिया लो, आरएमआईटी यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ व्याख्याता Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 28 Jul 2024 05:10 AM IST

सार

अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के चलते शरीर के तरल पदार्थों का प्रवाह सिर की ओर होने लगता है, जिससे नाक बंद होने जैसी अनुभूति होती है।
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भोजन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई


वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करके हमने कृत्रिम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का वातावरण तैयार किया, ताकि यह अध्ययन किया जा सके कि अंतरिक्ष यात्रा किसी व्यक्ति की गंध की भावना और भोजन के अनुभव को कैसे प्रभावित कर सकती है। हमने पाया कि अंतरिक्ष जैसे वातावरण में कुछ गंध बहुत तीव्र महसूस होती है और शून्य गुरुत्वाकर्षण शरीर को प्रभावित करता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित हमारे परिणाम भविष्य के अंतरिक्ष मेन्यू तैयार करने में मदद कर सकते हैं।


भोजन करना एक बहु-संवेदी अनुभव है, जिसमें दृष्टि, गंध, स्वाद, श्रवण और स्पर्श शामिल होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति के पास अद्वितीय संवेदी अनुभव होते हैं, जो उनके खाने के प्रति प्रतिक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। लेकिन अंतरिक्ष जैसे वातावरण में गंध को कैसे महसूस किया जाता है, इसकी बेहतर समझ प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री के अद्वितीय संवेदी अनुभवों और प्राथमिकताओं के आधार पर आहार बनाने के तरीकों को प्रेरित कर सकती है। भोजन की सुगंध को अनुकूलित करके हम अंतरिक्ष यात्रियों को न केवल अधिक खाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, बल्कि वे भोजन का अधिक आनंद उठा सकते हैं। ये समाधान पृथ्वी पर अलग-थलग वातावरण में रहने वाले लोगों की भी मदद कर सकते हैं।


-साथ में ग्रेस लोके मेई इंग, इयान पीक, जयनी चंद्रपाल और लिसा न्यूमैन।

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