पिछली बार जब ट्रंप ने अपने साथी का चुनाव किया था, तो वह ज्यादा चिंतित थे। तब कई रिपब्लिकन, खासकर सामाजिक और धार्मिक रूढ़िवादी, उन्हें संदेह की नजर से देखते थे। ट्रंप ने तब माइक पेंस को चुना, ताकि उनका भय कम हो सके, क्योंकि पेंस के ईसाई मतदाताओं से घनिष्ठ संबंध थे। विचार यह था कि वह ट्रंप को अंदरूनी लोगों और सत्ता के बिचौलियों से निपटने में मदद कर सकते हैं। ट्रंप-पेंस की जोड़ी छह जनवरी, 2021 तक कायम रही। अब हमलावर की गोली से बाल-बाल बचने और सांविधानिक रूप से एक और कार्यकाल तक सीमित रहने के कारण ट्रंप स्वाभाविक तौर पर वफादारी और विरासत को तवज्जो दे रहे हैं।
वेंस में ट्रंप और ट्रंपवाद के प्रति काफी जोश है और इसकी संभावना नहीं है कि वह उपराष्ट्रपति निवास को आप्रवासन समर्थक और हस्तक्षेप करने वाले रिपब्लिकन का ठिकाना बनने देंगे। वह 2020 के चुनाव के बाद से ही ट्रंप के आचार-व्यवहार का अनुसरण तो कर ही रहे हैं, आलम यह है कि वह ट्रंप के दुश्मन को अपना भी दुश्मन मानते हैं। ट्रंप को वेंस की जीवनी भी पसंद आई होगी। गरीबी में पले-बढ़े वेंस 9/11 आतंकी हमले के बाद मरीन में शामिल हुए, बेस्टसेलिंग आत्मकथा लिखी और व्यवसाय में कामयाब हुए। श्रमिक वर्ग से जुड़ी उनकी जड़ें औद्योगिक पतन के शिकार इलाकों (रस्ट बेल्ट) के उन भूले-बिसरे लोगों को आकर्षित कर सकती हैं, जो ट्रंप के अभियान के केंद्र में हैं।
दूसरी महत्वपूर्ण बात जो वेंस के पक्ष में जाती है, वह है उनकी उम्र। रिपब्लिकन इस साल युवा पुरुष मतदाताओं के बीच अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और वेंस पार्टी को इस बढ़ते लाभ का फायदा उठाने में मदद कर सकते हैं। रिचर्ड निक्सन जब 39 साल के थे, तो ड्वाइट आइजनहावर ने उन्हें 1952 में अपने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए चुना था। निक्सन 22 वर्षों तक अमेरिकी राजनीति के केंद्र में रहे।
हाल ही में 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (एमएजीए) आंदोलन में शामिल हुए वेंस ने इस वर्ष रिपब्लिकन के प्रीमियर में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली के समर्थकों की विदेश और आर्थिक नीतियों की आलोचना की थी। वेंस वाशिंगटन के लिए नवागंतुक हैं। अगस्त में वह 40 वर्ष के हो जाएंगे और अमेरिकी इतिहास में सबसे कम उम्र के उपराष्ट्रपतियों में से एक होंगे। सीनेट में उनके दो साल ही हुए हैं, इसलिए वह अब तक के सबसे कम अनुभवी उपराष्ट्रपति होंगे। ट्रंप उनके अनुभवी गुरु होंगे और वेंस उनके प्रशिक्षु होंगे।
आम तौर पर ट्रंप को एक धैर्यवान गुरु या दीर्घकालिक योजनाकार के रूप में नहीं देखा जाता। लेकिन हाल ही में उन्हें दोषी ठहराए जाने और उनकी हत्या के प्रयास ने इस चुनाव में दांव बढ़ा दिए हैं और इसलिए वह न केवल जीतना जरूरी समझते हैं, बल्कि कुछ स्थायी काम करना भी चाहते हैं। वेंस का चुनाव इस बात का भी संकेत देता है कि ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के भविष्य को कैसे देखते हैं। यदि वेंस उपराष्ट्रपति बनते हैं, तो वह 2028 में रिपब्लिकन प्रत्याशी के लिए सबसे अग्रणी दावेदार होंगे। निश्चित रूप से उनके नामांकन को चुनौती मिलेगी, लेकिन ट्रंप चाहते हैं कि रिपब्लिकन पार्टी राष्ट्रवाद, लोकलुभावन और 'अमेरिका प्रथम' के अपने एजेंडे पर कायम रहे।
येल लॉ स्कूल से स्नातक वेंस शायद एमएजीए के सबसे मुखर समर्थक हैं। वे वित्तीय क्षेत्र, कॉर्पोरेट एकाधिकार, मुक्त व्यापार, वैश्विक हस्तक्षेप और अवैध आव्रजन के आलोचक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अनुपूरक विधेयक का विरोध किया, जिसके तहत इस वर्ष यूक्रेन, इस्राइल और ताइवान को सैन्य सहायता प्रदान की गई।
पिछले हफ्ते जब वेंस ने वाशिंगटन डी.सी. में राष्ट्रीय रूढ़िवाद सम्मेलन में भाषण दिया, तो उनका एक स्टार की तरह स्वागत किया गया। उन्होंने सहजता से अपनी बात रखी। उन्होंने श्रोताओं में मौजूद प्रमुख नीति विशेषज्ञों का नाम लिया, मसलन एलब्रिज कोल्बी, जो विदेश नीति को प्राथमिकता देने के समर्थक हैं, जो चीन को नियंत्रित करने के लिए विदेशी प्रतिबद्धताओं को सीमित करेगी, और ओरेन कैस, जो उदारवादी अर्थशास्त्र के आलोचक हैं।
वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रवादी लोकलुभावनवाद के बढ़ते प्रभाव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'भले ही हम यूक्रेन सहायता पर बहस नहीं जीत पाए, लेकिन मुझे लगता है कि यह वास्तव में मायने रखता है।' उपराष्ट्रपति पद पर उनकी पदोन्नति से एमएजीए वेस्ट विंग की गारंटी होगी और घरेलू विनिर्माण तथा रक्षा औद्योगिक आधार के पुनर्निर्माण के लिए कठोर विदेश नीति और सरकारी कार्रवाई के पैरोकार मजबूत होंगे। आप्रवासन के लिए उन्होंने सबसे कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'अमेरिकी लोकतंत्र के लिए असली खतरा यह है कि अमेरिकी मतदाता कम प्रवासन के लिए मतदान करते रहते हैं और हमारे राजनेता ज्यादा आप्रवासन को मंजूरी देते रहते हैं।
कोई भी इस बात से इन्कार नहीं कर सकता कि आप्रवासन ने हमारे समाजों को गरीब, कम सुरक्षित, कम समृद्ध और कम उन्नत बना दिया है। ‘इसलिए अमेरिकी नेताओं को अमेरिका के लोगों की देखभाल करनी चाहिए।’ ट्रंप ने करीब एक दशक तक वैश्विक राजनीति को प्रभावित किया है। वेंस के नामांकन से पता चलता है कि ट्रंप की शैली, उनकी नीतियां और हर जाति और नस्ल के गैर-कॉलेज-शिक्षित मतदाताओं के लिए ट्रंप की अपील आने वाले दशकों तक रिपब्लिकन पार्टी पर राज करेगी।