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परंपरा या कुछ और: खरीदारी का ऐसा जुनून किस काम का, कुछ भी घर लाने से पहले 30 दिन के इस फॉर्मूले पर करें विचार

जांसी डन, द कन्वर्सेशन Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 16 Mar 2025 04:17 AM IST

सार

जब भी कुछ खरीदना हो, तो पहले सोचें कि वह चीज अगले तीस दिन में आपके कितने काम आने वाली है।
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बाजार (प्रतीकात्मक) - फोटो : Adobe


मैंने पाइपर और अन्य विशेषज्ञों से अनावश्यक चीजों की खरीदारी पर लगाम लगाने के कुछ तरीके पूछे, जो सुविधाजनक भी हों। पाइपर कहती हैं कि खरीदारी करना ‘सहज अनुभव’ हो गया है, एक बटन दबाते ही आप कोई भी चीज खरीद लेते हैं। इसे रोकने के लिए सबसे पहले ऑनलाइन दुकानों से जुड़े खातों से अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी हटा दें, फिर पर्स में से क्रेडिट कार्ड को निकालकर रख दें और गहरी सांस लेते हुए सोचें कि क्या मुझे वाकई इस सामान की जरूरत है?


इसके अलावा, दुकानदारों से आने वाले ईमेल और नोटिफिकेशनों को ब्लॉक कर दें।’ पाइपर लिखती हैं, ‘आप बनाना रिपब्लिक (राजनीतिक व आर्थिक रूप से अस्थिर देश) की आपातकाल स्थिति में तो हैं नहीं, जो इन संदेशों को अनुमति देते हैं, कि पता नहीं कब कौन-सी खबर आ जाए।’ जेंटल : रेस्ट मोर, स्ट्रेस लेस एंड लिव द लाइफ यू एक्चुअली वांट की लेखिका कर्टनी कार्वर कहती हैं कि उन्हें जब भी कुछ खरीदना होता है, तो सबसे पहले वह खुद से सवाल करती हैं कि क्या यह चीज आज या अगले तीस दिनों में काम आएगी?


आदर्शों की नकल के संबंध में लोगों को आगाह करते हुए कार्वर अपना संस्मरण सुनाते हुए कहती हैं कि वह बचपन में सेक्स एंड द सिटी सीरियल की अभिनेत्री कैरी ब्रैडशॉ के सैंडलों से काफी प्रभावित थीं। उन्होंने ठीक वैसी ही सैंडल खरीदीं, जबकि वह उनको पहनकर ठीक से चल नहीं सकती थीं।’ एशली पाइपर कहती हैं कि जब भी महीने का कोई सामान खरीदना हो, तो अपने पुराने सामान की सूची उठाएं और मिलान करें कि कितनी चीजें बाकी हैं और अब वे ही चीजें खरीदें, जो बहुत जरूरी हों। 


वह कहती हैं कि कभी-कभार उपयोग में आने वाली चीजों को किराये पर लेने का विचार करें। आयोजन विशेषज्ञ और ‘लाइफस्टाइल्ड’ की लेखक शीरा गिल कहती हैं कि शादी जैसे आयोजनों में वह दोस्तों से कपड़ों की अदला-बदली कर ही काम चला लेती हैं। अत: विशेषज्ञों का कहना है, जब किसी वस्तु को खरीदे बिना किराये पर लेकर या परिचित से मांगकर काम चल सकता है, तो फिर उसको बेवजह खरीदने की क्या जरूरत है।

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