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सामरिक: युद्ध कभी अतीत में नहीं जीते जाते... यूक्रेनी ड्रोन हमले अजेय रूसी अभियान के सामने नई तरह की चुनौती

मैथ्यू ससेक्स (द कन्वर्सेशन) Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 07 Jun 2025 05:56 AM IST

सार

महाशक्ति रूस और यूक्रेन की भले कोई तुलना न हो, लेकिन यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने अजेय रूसी अभियान के लिए एक नई तरह की चुनौतियां पेश की हैं।
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यूक्रेन ने रूस में 5500 किमी दूर एयरबेस पर भी ड्रोन से हमला किया। - फोटो : अमर उजाला


इस खास हमले की तैयारी कथित तौर पर 18 महीने से चल रही थी और इसे गुप्त रखना एक असाधारण उपलब्धि थी। कीव ने अमेरिका को भी यह नहीं बताया कि हमला होने वाला है। 


यूक्रेन के रक्षा और सुरक्षा योजनाकारों ने अपने मिशनों और उनके सर्वोत्तम संभावित परिणामों की कहीं अधिक सटीक व्याख्या की है। सबसे बड़ी बात है कि उन्होंने अतीत के युद्धों के बजाय, उस युद्ध को जीतने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें वे शामिल हैं। इसका मतलब है-तकनीकी प्रगति का उपयोग करके रूसियों को अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर करना, पश्चिमी सहायता जारी रखने के लिए सूचना वातावरण को आकार देना, तथा न केवल जनता का मनोबल बढ़ाने के लिए, बल्कि रूस पर भारी लागत थोपने के लिए भी आश्चर्यजनक हमले किए जा रहे हैं। 


पुतिन युद्ध को अनंत काल तक जारी रखने के लिए तैयार हैं। रूस ने आमतौर पर युद्ध इसी तरह जीते हैं, हालांकि, इस बार उसे भारी मानवीय और भौतिक कीमत चुकानी पड़ी है। कहा जा रहा है कि यूक्रेन के हालिया हमले से युद्ध की समग्र रूपरेखा में कोई बदलाव नहीं आएगा। यही कारण है कि यूक्रेन उनके शासन पर और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय धारणाओं पर जितना संभव हो सके, उतना दबाव डाल रहा है। यह यूक्रेन की जीत के सिद्धांत के लिए महत्वपूर्ण है। इसी कारण ताजा ड्रोन हमला इतना महत्वपूर्ण है।


रूस की प्रतिरोधक क्षमता के एक छोटे-से हिस्से के नष्ट होने से भी उसकी परमाणु रणनीति पर असर पड़ने की संभावना है। हमले का दूसरा प्रभाव मनोवैज्ञानिक है। ड्रोन हमलों से पुतिन को समझौते की मेज पर लाने के बजाय गुस्सा होने की आशंका ज्यादा है। इससे रूस के अतिआत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंची है। 


दूसरी ओर, इन हमलों से घरेलू स्तर पर भी यूक्रेन को बल मिला है। बेशक, यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है: यूक्रेन को सैन्य सहायता फिर से शुरू करने को लेकर ट्रंप का रुख बदल सकता है, क्योंकि उन्होंने कहा था कि यूक्रेनी राष्ट्रपति को अमेरिकी समर्थन के बिना झुकना पड़ेगा। 


इस हमले ने रूस की घरेलू सुरक्षा सेवाओं की विफलता को उजागर कर दिया है, तो पश्चिमी अभिजात वर्ग के साथ ही निरंकुश शासक सोच रहे होंगे कि क्या उनके अपने सुरक्षा तंत्र इसे रोकने में सक्षम होंगे। इससे यह सवाल भी उठ सकता है कि उच्च-स्तरीय और महंगे हथियार में निवेश करना कितना उपयोगी है, जबकि वे कमजोर साबित हो सकते हैं। यूक्रेन ने हमें बार-बार दिखाया है, आप अतीत में युद्धों को नहीं जीत सकते। 

-द कन्वर्सेशन से

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