देश के पशुपालकों, किसानों, उद्यमों एवं मजदूरों की धड़कनें बढ़ाने वाले क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) समझौते की अंतिम बातचीत के भारत की आपत्तियों पर टल जाने से ही इसके महत्व एवं पेचीदगियों का अंदाजा लग रहा है। अगली मंत्रिस्तरीय बैठक में अब बैंकाक में ही एक नवंबर को इस पर अंतिम बातचीत होगी तथा चार नवंबर को वहीं पर इसके 16 सदस्य देशों के मुखिया समझौते की सामूहिक घोषणा करेंगे। समझौते के तहत इन देशों के बीच मुक्त व्यापार संबंधी कुल 25 प्रावधानों पर चर्चा हुई जिनमें छह मुद्दों पर बातचीत अभी जारी है।
ये मुद्दे हैं : बाजार में दखल, निवेश, व्यापारिक उपचार, प्रतियोगिता, ई-कॉमर्स, मूल संबंधी नियम, आदि। भारत ने अपनी विशाल आबादी, देशवासियों के उद्यमशील मिजाज तथा घरेलू मंदी से परेशान कारोबारियों एवं किसानों के दबाव के कारण कड़ा रुख अपना रखा है पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बातचीत को बहुत आशाजनक बता रहे हैं। भारत एवं चीन सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र के जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और आसियान सहित कुल 16 देश समझौते में शामिल है।