कथित रूप से घूस देने के मामले में रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार की सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद से रेलवे बोर्ड सुर्खियों में है।
रेलवे बोर्ड भारतीय रेल का शीर्ष निकाय है, जो रेल मंत्री के जरिये संसद के प्रति जवाबदेह होता है। इसमें एक चैयरमैन सहित सात सदस्य होते हैं।
चेयरमैन एवं सदस्य (स्टाफ) की नियुक्ति रेल सेवा के किसी कैडर से हो सकती है, जबकि बाकी सदस्य विशिष्ट कैडर से नियुक्त किए जाते हैं। बोर्ड के सदस्यों को केंद्र सरकार के पदेन सचिव एवं चेयरमैन को कैबिनेट सचिव का दर्जा हासिल होता है।
सदस्य (ट्रैफिक) की नियुक्ति रेल ट्रैफिक सेवा से होती है, जो सभी ट्रेनों के संचालन, यात्री सुविधा व भाड़ा एवं इन क्षेत्रों होने वाली कमाई व प्रचार का काम देखता है।
सदस्य (इलेक्ट्रिकल) की नियुक्ति रेल सेवा के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या सिग्नलिंग इंजीनियरिंग से होती है, जो विद्युतीकरण, सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर एवं संबंधित उपकरणों की खरीद का काम देखता है।
सदस्य (मैकेनिकल) की नियुक्ति रेल सेवा के मैकेनिकल इंजीनियर कैडर से की जाती है, जो रेल कोचों की डिजाइन, निर्माण एवं रखरखाव के अलावा डीजल तकनीक, भंडार व रद्दी तथा संबंधित उपकरणों की खरीद का काम देखता है।
नई रेल लाइन, दोहरीकरण, आमान परिवर्तन के साथ पुलों के निर्माण एवं रखरखाव का काम देखने वाले सदस्य (इंजीनियरिंग) की नियुक्ति इंजीनियर कैडर से होती है।
वित्तीय आयुक्त रेलवे के लेखा सेवा, सिविल सेवा से जुड़ा व्यक्ति हो सकता है। यह बजट के अनुसार प्रस्तावों एवं खर्चों को मंजूरी देता है और वित्त मंत्रालय के साथ सामंजस्य बनाए रखता है।