साधो, दिल्ली सरकार के कानून मंत्री की डिग्री असली है या नकली, यह तय करने वाले हम कौन होते हैं। जिनके पास असली डिग्री है, वे ही क्या देश को कानून से चला रहे हैं? जब रक्षा मंत्री के लिए यह जरूरी नहीं कि वह तोप चलाना जानता हो, तो कानून मंत्री के लिए कानून जानने की शर्त क्यों? एक भाजपाई बोला, केजरीवाल के मंत्री दूध के धुले नहीं हैं। मैंने कहा, असली वाले महंगे दूध से धोना आज के जमाने में संभव नहीं। पानी मिले दूध से धोएंगे, तो और सुथरे लगने लगेंगे। आम आदमी पार्टी वाले धरती पर भ्रष्टाचार मिटाने के लिए देवताओं की तरह अवतरित हुए थे, पर क्या करें कि दिल्ली पुलिस उनकी बात नहीं मानती। केजरीवाल से किसी ने सवाल किया, आपके पास पुलिस नहीं है, तो क्या है। वह बोले, हमारे पास भगवान है।
इन दिनों केजरीवाल और राजधानी की पुलिस का छद्म युद्ध टीवी का सर्वाधिक लोकप्रिय धारावाहिक है। एक कांग्रेसी नेता 'केजरीवाल की माफी' नाम से धारावाहिक बनाना चाहते हैं, पर उनका कहना है कि उसके लिए उन्हें कुछ और कड़ियों का इंतजार है। हमारी आंखें एक साथ कवि से नेता बने आम आदमी के लटके-झटके और किसान के पेड़ पर लटकने का दारुण दृश्य देख चुकी है। आप के एक नेता को टीवी पर जार-जार रोते हुए भी देखा जा चुका है।
आप वाले जीतकर रोते हैं, भाजपाई हारकर भी आंसू नहीं बहाते। 'मन की बात' इन दिनों मोदीवादियों का पसंदीदा अचार है, पर उससे किसान का पेट नहीं भरता। राहुल बाबा इन दिनों भूतनाथ रिटर्न्स हो रहे हैं। जिस जमीन को बचाने की कवायद वह कर रहे हैं, उस पर फसल कटने में तो अभी चार साल बाकी हैं।
रामदेव की 'पुत्र जीवक बीज’ वाली दवा संसद तक जा पहुंची। दुकानदार तो वही बेचेगा, जिसकी मांग होगी! सुना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार ने सजा में बढ़ोतरी कर दी है। पर इससे भ्रष्टाचारियों को डरने की जरूरत नहीं। कानून अपना काम करेगा और वे अपना। अदालत जब तक किसी को चोर साबित न कर दे, तब तक वह साहूकार है।