इस संबंध में नींद रोग विशेषज्ञ डॉ. तिमोती यंग का कहना है कि ‘3-2-1 नियम’ एक स्वस्थ गाइडलाइन है, पर जरूरी नहीं है कि अच्छी नींद के लिए इसी फॉर्मूले का उपयोग किया जाए। वहीं, पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के अस्पताल में मनोविज्ञान की सहायक प्रोफेसर जेनिफर गोल्डस्चमीड कहती हैं कि इस नियम में दी गई संख्याओं का कोई चिकित्सकीय आधार नहीं है। हालांकि, डॉ. यंग कहते हैं कि जो लोग ज्यादा शराब पीने के आदी हैं, उनके लिए ‘3-2-1 नियम’ काफी कारगर हो सकता है। वह कहते हैं कि भले ही शराब से नींद आती हो, लेकिन यह हमारी आरईएम (सपनों वाली नींद) नींद को कम करती है। इससे खर्राटे आने की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। ब्रूस सोने से एक घंटा पहले किसी भी प्रकार का तरल पेय नहीं लेने की भी सलाह देते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इससे भी पूरी तरह सहमत नहीं हैं। डॉ. यंग कहते हैं कि शरीर को जब भी प्यास लगे, पानी पी लेना चाहिए। उनके अनुसार, जिन लोगों को ज्यादा भोजन के बाद अच्छी नींद नहीं आती, उन्हें देर रात खाने से बचना चाहिए।
वहीं, गोल्डस्चमीड ‘3-2-1 नियम’ के बजाय सोने से तीन घंटे पहले भोजन नहीं करने का सुझाव देती हैं। जिन लोगों को रात में भूख लगती है, वे कार्बोहाइड्रेट युक्त हल्का-फुल्का कुछ खा सकते हैं। डॉ. यंग कहते हैं कि ‘3-2-1 नियम’ के साथ अच्छी नींद के लिए एक बात और जोड़ सकते हैं और वह है सोने से करीब एक घंटा पहले फोन से दूरी बनाना। वह कहते हैं कि सोने से पहले दस मिनट का योग या हल्का-फुल्का व्यायाम करने से शरीर को नींद अच्छी आती है। वह कहते हैं कि प्रतिदिन करीब सात घंटे नींद का लक्ष्य अवश्य रखें।