आज भी सोने से पहले
याद करती हूं तुम्हें
कभी-कभी
करती हूं वह प्रार्थना
जिसमें होते हो केवल तुम
होता है एक सपना
छोटी सी नाव का
चाकू में धार करते हुए
तुम्हें याद करती हूं
जानती हूं आदमी तक
पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता
गुजरता है हृदय से होकर
अनुवाद-कुसुम जैन