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नेता गावत राग कबीरा

Sun, 16 Mar 2014 06:25 PM IST
सूर्यकुमार पांडेय
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फैला हास्य-उमंग सब, मचा टंग-हुड़दंग।
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अंग न पोतो रंग अब, चढ़ा चुनावी रंग।।

जय जय जय चुनाव आयोगा। होली में तुम बने दारोगा। जय जनगणमन भाग्य विधाता। जय पहचान-पत्र के दाता। है चहुं दिशा चुनावी होली। आई मत-मंगन की टोली। रंग दो बालम, चोली-चीरा। नेता गावत राग-कबीरा। छोटी टोली, भागमभागू। है आचार संहिता लागू। कोई ओढ़े हरा दुपट्टा। भीतर पिचकारी सम कट्टा। कोउ अबीर तन पर मलि धावा। कोउ केसरिया रंग लगावा।

मस्त कलर में नाचत मोदी। हौदे में रंग, रंग में हौदी। नमो-नमो सब होरी गावत। केसर रंग में भंग मिलावत। सुषमा, जोशी अरु अडवानी। रंग अधिक पर थोड़ा पानी। मोदीमय भे रामकृपालू। भैंसन मध्य बिसूरत लालू। अमर अजित घर गावत फगुआ। जयाप्रदा संग सोहत बबुआ। पासवान गठबंधन कीन्हा। बीजेपी को कर धरि लीन्हा। उदितराज भाजपा समाना। राजनाथ को मन हरसाना। फारुक बादल शरद पवारा। सबहीं आज भए होरियारा। करुणानिधि जयललिता आदिक। इनकी उछलकूद सर्वाधिक। राहुल बाबा घर घर धावत। गली गली चौपाल लगावत।
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घर में बिखरे ढेर कबाड़ू। केजरीवाल लगावत झाड़ू। तू-तड़ाक में आप बिलाना। आम पिलपिला स्वाद नसाना। अन्ना अस ठेंगा दिखलावा। ममता रैली फ्लॉप करावा। बंग छाड़ि दिल्ली को धाई। रंग भंग सब दीन्ह कराई। नमो राजठाकरे मिलायो। उद्धव को रंग रास न आयो। जगदंबिका पाल अस जागे। कांग्रेस टोली तजि भागे।
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कहत मुलायम सुनु अखिलेसू। तुम न संभारि सकेउ परदेसू। चाचा आजम खां शिवपालू। रहे नचावत तोहें दुइ सालू। मायावती सुजान सयानी। हौदे में नीला रंग पानी। हाथी पर हौदे पर हौदा। होली में निज अलग मसौदा। उधर नीतीश भए उन्नीसा। सब सुराज होइगा कटपीसा। फ्रंट तीसरा बनि नहिं पावा। सब आपन घर होली गावा। जिनका टिकट कटा निज टोली। वहि दूजे घर खेलत होली। धन्न-धन्न हैं भाग हमारे। होली में प्रभु गांव पधारे।

सात कलर बॉडी लसे, फेस बसे लंगूर।
होली में लीडर फंसे, रंगो उसे भरपूर।।

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