पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए सितारे का उदय हुआ है, जिसने पिछले दिनों वहां के सैन्य प्रतिष्ठान समेत उन तमाम लोगों पर पलटवार किया, जो प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस नए सितारे का नाम है मरियम नवाज शरीफ, जो प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की 43 वर्षीय खूबसूरत बेटी हैं। एक बेटे और दो बेटियों की मां मरियम का निकाह प्रधानमंत्री के पूर्व सैन्य सहयोगी मोहम्मद सफदर से हुआ है।
एक लंबे समय बाद पाकिस्तान ने एक युवा महिला राजनेता को राजनीति में प्रवेश करते देखा है। वर्ष 2018 में मरियम नवाज शरीफ युवा वोटों को आकर्षित करने के लिए चुनाव में हिस्सा लेंगी। अदालत से बाहर उन्हें बधाई देने पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं को देख मरियम ने अनुभवी राजनेता की तरह हाथ हिलाकर उनका खैर-मकदम किया।
कुछ महीने पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स लीक मामले में कथित रूप से शरीफ परिवार द्वारा धन के हस्तांतरण से संबंधित मामले की जांच के लिए एक उच्च अधिकार संपन्न संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का गठन किया था। अब तक नवाज शरीफ के दोनों बेटों-हसन और हुसैन नवाज तथा उनके चाचा, पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ और कैप्टन सफदर जेआईटी के सामने पेश हो चुके हैं। इस हफ्ते मरियम नवाज को भी तलब किया गया था और उनसे दो घंटे पूछताछ हुई। हालांकि पनामा पेपर में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और मरियम नवाज का जिक्र नहीं है। केवल हसन एवं हुसैन शरीफ का नाम उनमें शामिल है। अदालत से निकलने के बाद मरियम ने कहा, 'मैं इस मुल्क और पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री की बेटी होने के नाते जेआईटी के समक्ष पेश हुई। जेआईटी के सदस्यों ने जितने भी सवाल पूछे, मैंने सबका जवाब दिया। अंत में मैंने उनसे विनम्रतापूर्वक पूछा कि हम पर क्या आरोप हैं, लेकिन जेआईटी के सदस्य मेरे सवाल का जवाब देने में असमर्थ रहे।' नवाज शरीफ ने कहा कि मेरी सरकार को गिराने के लिए एक गहरी साजिश रची गई है।
मरियम का सिर एक हरे रंग के शिफॉन दुपट्टे से ढंका था और पूछताछ के बाद उन्होंने मीडिया के सवालों का भी सामना किया। अपने शौहर और दोनों भाइयों के साथ मौजूद मरियम ने राजनीतिक विरोधियों और सैन्य प्रतिष्ठान को उन्हें निशाना बनाने के लिए आड़े हाथों लिया।
इस्लामाबाद में फेडरल ज्यूडिशियल एकेडमी के बाहर पत्रकारों से मरियम ने कहा, अगर आप नवाज शरीफ की बेटी को महज इसलिए निशाना बनाओगे कि वह प्रधानमंत्री की बेटी है, तो वह भी पलटवार करेगी। अगर कोई कहता है कि वह हमारे परिवार को रुला देगा, तो उन्हें समझना चाहिए कि केवल खुदा ही ऐसा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शरीफ परिवार ने अतीत में भी जवाबदेही का सामना किया है और मौजूदा जांच दल का भी सामना करेगा।
आगे उन्होंने कहा कि पनामा पेपर्स अकेला ऐसा मामला नहीं, जिसके जरिये उनके परिवार पर विरोधियों ने आरोप लगाया है। इससे पहले डॉन लीक का भी मामला सामने आया था। उन्होंने दावा किया कि विरोधी ऐसे मामलों में उन्हें फंसाकर केवल उनके पिता पर दबाव बनाना चाहते हैं।
उन्होंने पूर्व सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ का मजाक भी उड़ाया, जो मुल्क से यह कहकर भाग गए थे कि उनकी पीठ में दर्द है और सर्जरी कराना जरूरी है, लेकिन तुरंत ही विदेश में उनके डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मरियम ने मीडिया को याद दिलाया कि जब परवेज मुशर्रफ को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का सामना करना था, तो कैसे रावलपिंडी तक कारों के काफिले के बीच उन्हें सुरक्षित मिलिटरी हार्ट हास्पिटल में भर्ती कराया गया। मरियम ने अपने पिता के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान का भी मजाक उड़ाया, जो पनामा पेपर लीक मामले में याचिकाकर्ता हैं। उन्होंने भी एक बार कोर्ट में पेश होने से इन्कार कर दिया था और नथियागली के हिल स्टेशन में एक सार्वजनिक रेस्ट हाउस में छिप गए थे।
इमरान खान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जिन लोगों के मन में बेटियों और परिवार के मूल्य के प्रति कोई सम्मान नहीं है, वे इन बातों को नहीं समझेंगे। यदि आप मुझ पर इसलिए हमला कर रहे हैं कि मैं नवाज शरीफ की बेटी हूं, तो मैं भी आप पर पलटवार करूंगी, क्योंकि मैं वाकई उनकी बेटी हूं। हम भी छूट लेकर छिप सकते थे, हम भी अदालत से भागकर नथियागली जा सकते थे, लेकिन अपनी जवाबदेही के कारण हमने खुद को जेआईटी के सामने पेश किया। मरियम ने अपने पिता के विरोधियों को चेताया कि उन्हें उस दिन से डरना चाहिए, जब प्रधानमंत्री शरीफ उनके कंकाल निकालेंगे। उन्हें उतना मत उकसाइए कि आपके रहस्य और उनके खिलाफ आपकी साजिश को उजागर करने पर वह मजबूर हो जाएं।
नवाज शरीफ ने पिछले कुछ वर्षों में मरियम को अपने साथ रखकर तैयार किया है और प्रधानमंत्री के घर में उनका अपना कार्यालय भी है। उनके दोनों भाई लंदन में रहते हैं और उनकी राजनीति में दिलचस्पी नहीं है। ऐसे में मरियम ही नवाज शरीफ की राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, अगर आप नवाज शरीफ के खिलाफ साजिश रचेंगे, तो वह पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौटेंगे और चौथी बार मुल्क के प्रधानमंत्री बनेंगे। अगर आप रोक सकते हैं, तो उन्हें रोक लीजिए। ट्वीट करके उन्होंने अपने पिता को आश्वस्त किया, मैं आपकी बेटी हूं, मुझे आपने सिखाया है। न तो मैं चुप बैठूंगी और न ही दबाव में आऊंगी। अन्याय और अपराध से मुकाबला करने से मुझे कोई रोक नहीं पाएगा।
जेआईटी का नेतृत्व फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के एडिशनल डाइरेक्टर जनरल वाजिद जिया कर रहे हैं, जिन्हें दस जुलाई को शीर्ष अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। जेआईटी खुद विवादित हो गया है, खासकर मीडिया रिपोर्टिंग के खिलाफ कुछ कदम उठाने के कारण।