पाकिस्तान की जनता का प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी सरकार से मोहभंग होता जा रहा है। सरकार कह रही है कि एक दो साल की मुश्किल सूरते हाल के बाद जनता खुशहाली का दौर देखेगी, एक करोड़ नौकरियां मिलेंगी और बेघरों को 50 लाख घर बनाकर दिए जाएंगे। पर इसके लिए कोई ठोस योजना नहीं लाई गई। जब तक वहां राजनीतिक अस्थिरता पैदा नहीं होती, तब तक बिगड़ती आर्थिक हालत में सुधार नहीं होगा।
आतंकी वित्तपोषण पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ (फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स) ने हाल ही में लश्कर, जैश और अन्य आतंकवादी समूहों का वित्तीय पोषण रोक पाने में विफल रहने पर पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखने का फैसला किया है। साथ ही, पाकिस्तान को सितंबर, 2019 तक कार्य योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने का समय दिया है।