पीओके: मानवाधिकारों के पैरोकार बनने का दावा, अपने ही लोगों का दमन करता पाकिस्तान दिखा रहा असली चेहरा
अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 17 Jul 2026 05:43 AM IST
सार
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) द्वारा अपने ‘लॉन्ग मार्च’ को 21 जुलाई तक स्थगित करते हुए इस्लामाबाद को मांगें मानने का अंतिम अवसर देना दर्शाता है कि पाकिस्तानी हुकूमत द्वारा बरती जा रही क्रूरता के बावजूद आंदोलनकारी अब भी संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद बनाए हुए हैं।
पीओके में प्रदर्शन
- फोटो : ANI