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कमजोर होते आईएस की नई साजिश

Tue, 05 Jul 2016 12:58 PM IST
एरिक स्मिट
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एरिक श्मिट
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पिछले कुछ दिनों के भीतर ही इस्लामिक स्टेट (आईएस) ब्रांड आतंकवाद का बदलता चेहरा सामने आया है, जो कहीं अधिक बर्बर और खतरनाक है। पिछले हफ्ते इस्तांबुल में हुए हमले के बाद तुर्की के अधिकारियों ने बताया था कि आईएस के निर्देश और समन्वय के आधार पर आतंकियों ने शहर के मुख्य हवाई अड्डे पर हमला किया था। शुक्रवार को बांग्लादेश में एक रेस्तरां में बर्बर हमला करने वाले स्थानीय कट्टरपंथी गुट ने आईएस के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी। बगदाद में हुई बमबारी की जिम्मेदारी भी आईएस ने ली है, जिसमें 140 लोग मारे गए।
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इन तीनों भीषण हमलों को खुफिया और पुलिस एजेंसियां भौगोलिक सीमाओं के साथ एक राज्य बना लेने वाले एकमात्र आतंकी संगठन आईएस के ऐसे प्रमाण के तौर पर देख रही है, जो अपने राज्यविहीन प्रतिद्वंद्वी आतंकी संगठन अल कायदा का कहीं अधिक ताकतवर संस्करण बनकर उभर रहा है। इसने सैन्य कार्रवाइयों की वजह से इराक और सीरिया में अपने क्षेत्र भी गंवाए हैं।

आतंकवाद-विरोधी मुहिम से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि दो वर्ष पूर्व इस्लामिक स्टेट ने, जिसे कि आईएसआईएस या आईएसआईएल के नाम से भी जाना जाता है, जिन आतंकियों को भर्ती कर प्रशिक्षण देना और पश्चिम के देशों में भेजना शुरू किया था, वे अब एक गुप्त नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं। चूंकि इस्लामिक स्टेट को अपने इलाके में झटका लगा है, जैसा कि पिछले महीने फालुजा में अमेरिकी हवाई हमले के समन्वय के साथ इराकी बलों ने हमला कर उसे भारी नुकसान पहुंचाया था; तो वह दुनिया भर में हमलों का विस्तार कर रहा है। अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एन्ड्रयू एम लिपमैन के मुताबिक, इन हमलों को किसी एक सांचे में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि हो सकता है कि कुछ के लिए केंद्रीय स्तर पर साजिश रची गई होगी, कुछ का सीधा संबंध आईएसआईएस से होगा और कुछ को पूरी तरह से स्थानीय गुट अंजाम दे रहे होंगे।
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इस्लामिक स्टेट ब्रिटेन, जर्मनी और इटली में गोपनीय आतंकी प्रकोष्ठों का संचालन करता है, ये प्रकोष्ठ पेरिस और ब्रसेल्स पर हमले करने वाले समूह जैसे ही हैं। तुर्की में हमले को अंजाम देने वाला समूह भी इसी तरह का था। विगत दो वर्षों से जारी अमेरिकी अभियान के कारण इस्लामिक स्टेट को तेल से मिलने वाला राजस्व आधा रह गया है, इसके बावजूद अब भी वह सालाना 15 करोड़ डॉलर पैदा कर रहा है। पिछले हफ्ते सीनेट की एक कमेटी के समक्ष पेश हुए इस्लामिक स्टेट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में ओबामा के विशेष दूत ब्रेट मैकगर्क ने कहा था कि आईएस ने इराक में अपना 47 फीसदी इलाका और सीरिया में 20 फीसदी इलाका खो दिया है। इन क्षेत्रों का उपयोग जमीन से तेल निकालने और स्थानीय लोगों से कर वसूलने के साथ ही पश्चिम पर हमले की साजिश रचने के लिए होता था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इराक और सीरिया में आईएस के आतंकियों की संख्या पिछले वर्ष 33 हजार के करीब थी, जो घटकर 18 से 22 हजार के बीच रह गई है। लेकिन लीबिया, मिस्र, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और नाइजीरिया जैसे देशों में इस्लामिक स्टेट के प्रभाव वाले 20 हजार आतंकी और हैं।
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