खेलों की दुनिया के सबसे महंगे तमाशों में से एक विश्व कप क्रिकेट अब शुरू होने ही वाला है। टीमें पहुंचने लगी हैं और खिलाड़ी अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। नई-नई रणनीतियां बन रही हैं और प्रत्येक टीम को आंका जा रहा है। जाहिर है, जब राशि अभूतपूर्व हो, तो खेल का मजा भी दोगुना हो जाता है। हाल के वर्षों में क्रिकेट एक फलदायी खेल की तरह उभरा है। देखते ही देखते यह खेल मनोरंजन के साधन से बदलकर बेशुमार कमाई का एक बड़ा जरिया बन गया है। फुटबॉल के बाद अगर किसी खेल में अकूत पैसा है, तो वह है क्रिकेट, जो महज डेढ़ दर्जन देशों में खेला जाता है। लेकिन भारत में इस खेल की जबर्दस्त लोकप्रियता और कॉरपोरेट की दिलचस्पी ने इसे मिलियन डॉलर गेम बना दिया है और इसकी वजह से आज बीसीसीआई दुनिया की सबसे अमीर खेल संस्थाओं में शुमार है।
2015 का वर्ल्ड कप क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बड़ी मोटी राशि लेकर आ रहा है। इसे आयोजित करने वाली बॉडी आईसीसी यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने इस बार प्राइज मनी बढ़ाकर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर (61 करोड़ रुपये) कर दी है। यह राशि टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। बंटवारा कुछ इस तरह से होगा कि विजेता टीम को मिलेगी 39 लाख 5 हजार डॉलर की रकम और उपविजेता को 17 लाख 50 हजार डॉलर की रकम। हर ग्रुप मैच जीतने पर 45 हजार डॉलर की मोटी रकम मिलेगी। इसका मतलब यह हुआ कि जो टीम वर्ल्ड कप जीतेगी, उसे कुल 42 लाख 45 हजार डॉलर (लगभग 26 करोड़ रुपये) मिलेंगे। यानी जीतने वाली टीम का हर खिलाड़ी करोड़पति हो जाएगा।
लेकिन आईसीसी मुफ्त में ही पैसे नहीं बांट रहा है। उसे विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के टीवी प्रसारण अधिकार से दो अरब डॉलर मिलेंगे। उसने इस प्रसारण के अधिकार ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स और स्टार क्रिकेट को बेच दिए हैं। समझा जाता है कि अकेले भारतीय कंपनियां और वे कंपनियां, जो भारत में काम कर रही हैं, लगभग 1,200 करोड़ रुपये के विज्ञापन देंगी। इस मोटी कमाई के अलावा वह मैदान में लगाए जाने वाले विज्ञापनों से होनी वाली आय का भी हिस्सा लेगी। इसके अलावा प्रायोजक कंपनियां भी इसमें मोटी रकम देंगी। टिकटों की बिक्री से भी उसे तगड़ी कमाई की उम्मीद है। भारत-पाकिस्तान मैच के अलावा कई और मैचों की टिकटें बिक चुकी हैं। टिकटों की कीमत भी कोई कम नहीं है। उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फाइनल मैच देखने के लिए 125 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (6,134 रुपये) से लेकर 395 डॉलर (19,384 रुपये) तक की कीमत चुकानी पड़ेगी। फाइनल में लगभग 70 हजार लोगों के आने की उम्मीद है। इसी से अंदाजा लगाया जाता है कि आईसीसी को कितनी आमदनी होगी, हालांकि यह राशि आयोजन कराने वाले स्थानीय एसोसिएशन को भी मिलेगी।
यह तो हुई आईसीसी की कमाई की बात। बीसीसीआई की तरह हर राष्ट्रीय एसोसिएशन वर्ल्ड कप में जाने वाली टीम के लिए प्रायोजक रखता है, जिसके लोगो खिलाड़ियों की जर्सी पर होते हैं और उनसे उसे कमाई होती है। इसके अलावा भी कई और सह प्रायोजक होते हैं, जिनके विज्ञापन के लोगो खिलाड़ियों की जर्सी पर होते हैं। इन सभी से बीसीसीआई धन वसूलता है। इसके अलावा भी मैचों के टीवी प्रासरण से प्राप्त होने वाली राशि में से उसे धन मिलता है। बीसीसीआई और अन्य देशों के बोर्ड को टीम भेजने के एवज में भी धन मिलता है।
आईसीसी और बीसीसीआई के बाद क्रिकेटरों की बारी आएगी। पिछले विश्व कप में हमने देखा कि जीत के बाद हमारे क्रिकेटर मालामाल हो गए। उन्हें जीत की राशि तो मिली ही, अपने-अपने राज्यों और कई कंपनियों से इनाम भी मिले। इस बार उन्हें मोटी रकम के अलावा उन कंपनियों से भी धन मिलेगा, जिनके लोगो वाले बल्ले वे इस्तेमाल करते हैं या जिनके विज्ञापनों में वे आएंगे। धोनी और विराट कोहली जैसे सेलिब्रिटी खिलाड़ियों की कमाई तो पहले से ही अरबों में है, वर्ल्ड कप में इसमें बढ़ोतरी ही होगी। घोषणाएं होनी शुरू भी हो गई हैं। न्यूजीलैंड बोर्ड ने घोषणा की है कि अगर उनकी टीम ने वर्ल्ड कप जीता, तो वह अपने प्रत्येक खिलाड़ी को 3.5 करोड़ रुपये देगा। दरअसल इस बार न्यूजीलैंड टीम के खिलाड़ी जैसी बल्लेबाजी कर रहे हैं, उससे उनके बोर्ड का हौसला बढ़ गया है और वे धन की बरसात कर देना चाहते हैं, ताकि खिलाड़ी जान लगा दें।
भूलना नहीं चाहिए कि जिस देश में यह टूर्नामेंट होगा, वहां की अर्थव्यवस्था को इससे बहुत फायदा होगा। लाखों की तादाद में लोग मैच देखने आएंगे, जो वहां काफी खर्च भी करेंगे। ऑस्ट्रेलिया धीरे-धीरे अब एक बड़ा पर्यटन केंद्र बनता जा रहा है और यह टूर्नामेंट उसकी कमाई में खासी बढ़ोतरी करेगा। वहां के पर्यटन उद्योग को इससे काफी लाभ होगा। किसी भी देश में जब कोई भी बड़ा खेल टूर्नामेंट होता है, तो वहां सभी को फायदा होता है। यह देखते हुए, कि यह विश्व कप डेढ़ महीने से भी ज्यादा समय तक चलेगा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ होने की उम्मीद है। यह आगे के लिए भी कमाई के रास्ते खोलेगा।
इस विश्व कप में वाकई सभी भागीदारों के लिए मोटी रकम है। इससे हर कोई मालामाल हो सकता है। क्रिकेट में इतनी बड़ी राशि कभी सुनी नहीं गई थी। इसके बावजूद विश्व कप फुटबॉल के मुकाबले यह छोटी रकम है। पिछले विश्व कप फुटबॉल में कुल राशि थी 57 करोड़ 60 लाख डॉलर और विजेता टीम को मिले थे साढ़े तीन करोड़ डॉलर यानी लगभग 214 करोड़ रुपये!