उनका और अन्य लोगों का शोध यह बताता है कि खुशी के इन अंशों को पहचानना, विकसित करना और उनका आनंद लेना एक व्यक्ति के रूप में भी आपका विकास करता है। प्रकाशनाधीन पुस्तक टुडे वाज फन की लेखिका ब्री ग्रॉफ कहती हैं, ‘एक छोटी-सी बात आपको परेशान कर सकती है, आप उससे चिढ़ सकते हैं। लेकिन इसके विपरीत, कुछ छोटी-छोटी बातें आपको ऐसी गहरी खुशियां दे सकती हैं, जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। वह कहती हैं कि मुझे अपनी डेस्क पर सभी चीजों को व्यवस्थित करने से शांति तो मिलती ही है, अपनी छोटी-सी दुनिया पर नियंत्रण का एहसास भी होता है।
द जॉय रीसेट की लेखिका मैरीकैथरीन मैकडोनाल्ड, कहती हैं कि सुबह की पहली चाय की चुस्की या फलों को छीलकर उसे बराबर टुकड़ों में काटने से भी खुशी मिलती है। ग्रॉफ कहती हैं कि इन छोटी-छोटी खुशियों में से किसी एक को आदत बनाने की कोशिश करें। वह कहती हैं कि जो गतिविधियां हमें ‘बड़ी खुशी’ देती हैं, जैसे छुट्टियां, उनके लिए बहुत अधिक योजना, धन, समय और प्रयास की आवश्यकता होती है। पर आप हर दिन कहीं बाहर नहीं जा सकते, कभी-कभी ही छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं।
यदि आपको पेंटिंग करना पसंद है, और कैनवास व ब्रश निकालने का समय नहीं है, तो आप दिन में कोई एक स्केच बनाने का लक्ष्य रख सकते हैं। यदि बागवानी से खुशी मिलती है, तो अपने साथियों को उपहार में कोई पौधा दे सकते हैं। उन्हें अच्छा ही लगेगा। छोटी-छोटी खुशियां हासिल करने में एक मिनट भी तो नहीं लगता।