जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शुक्रवार को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को दोनों कोरिया को बांटने वाले असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में अनौपचारिक मुलाकात के लिए ट्वीटर निमंत्रण भेजा, तो दोनों नेताओं के पास पाने और खोने के लिए बहुत कुछ था। अगर किम मिलने के लिए नहीं आते, भले उनके पक्ष को साजिश दिख रही थी, तो ट्रंप को शर्मिंदा होना पड़ता और अपनी अप्रत्याशित कूटनीति के लिए उन्हें और आलोचनाएं सुननी पड़तीं। यह वियतनाम के हनोई में उनके शिखर सम्मेलन की नाटकीय विफलता से जुड़ जाता, जिसे ट्रंप ने अचानक बंद कर दिया था। लेकिन उत्तर कोरिया के नेता नियत समय पर पहुंच गए। इस ऐतिहासिक मुलाकात से कई बातें स्पष्ट हुईं।
दोनों की मुलाकात के दौरान कई बार अव्यवस्था दिखी। वीडियो फुटेज में पत्रकार और कैमरामैन इन दोनों नेताओं के आसपास चिल्लाते, सुरक्षा अधिकारियों के साथ नोक-झोंक करते और इस मुलाकात को कवर करने के लिए सही जगह बनाते हुए एक-दूसरे को कोहनी मारते हुए दिखे। जबकि उत्तर कोरिया के सुरक्षा बलों ने अमेरिकी पत्रकारों को धक्का दिया। पत्रकारों से मिली जानकारी और वीडियो फुटेज के अनुसार व्हाइट हाउस की नई प्रेस सचिव स्टीफनी ग्रिशम को उस वक्त काफी मशक्कत करनी पड़ी, जब वह अमेरिकी टीवी के क्रू मेंबरों को फ्रीडम हाउस में प्रवेश दिलाना चाह रही थीं।