रमजान का महीना आम तौर पर पाकिस्तान में शांत होता है, क्योंकि सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में कम ही समय काम होता है। लेकिन इस बार पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी जारी रही। प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार न केवल विपक्षी पार्टियों के दबाव में, बल्कि सड़क पर आंदोलन कर रहे लोगों के दबाव में भी है, क्योंकि मुद्रास्फीति के आंकड़े में भारी वृद्धि हुई है।
विपक्ष का मुख्य मुद्दा नवाज शरीफ की जेल की सजा को लेकर है कि जवाबदेही प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है और विपक्ष के नेताओं पर ही निशाना साधा जाता है। लोगों की उंगलियां सेना की तरफ उठ रही हैं, क्योंकि उसकी वजह से नवाज शरीफ और अन्य विपक्षी नेता जेल में होने के कारण जनता का नेतृत्व नहीं कर पा रहे हैं।