हाल ही में मैं नई दिल्ली स्थित केंद्रीय अभिलेखागार में था, जहां 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव से जुड़ी एक गोपनीय रिपोर्ट मैंने देखी। यह रिपोर्ट कमलनयन बजाज की लिखी हुई थी, जिनके पिता जमनालाल बजाज एक महान देशभक्त, परोपकारी और महात्मा गांधी के निकट सहयोगी थे। खुद कमलनयन एक सफल उद्यमी थे, जिनके कांग्रेस से बेहद आत्मीय संबंध थे। कांग्रेस ने राजस्थान के सीकर से उन्हें लोकसभा का टिकट दिया था।
वह राम राज्य परिषद के प्रत्याशी के हाथों पराजित हुए, और उसके बाद उन्होंने आठ पृष्ठों की एक रिपोर्ट लिखी थी, जो पार्टी के सदस्यों के लिए थी। उस रिपोर्ट का शीर्षक था, 'आम चुनाव के साथ मेरे प्रयोग और राजस्थान से जुड़ी इसकी कुछ अनियमितताएं।' करीब 67 साल पहले लिखी गई वह रिपोर्ट आज भी उतनी ही शिक्षाप्रद है।