मोबाइल की दुकान पर मोबाइल देख रहा था। सेल्समैन ने बताया कि सुपर-डुपर मोबाइल लांच हुआ है 41 मेगा-पिक्सल्स कैमरे वाला। मैंने निवेदन किया, मुझे मोबाइल चाहिए, आप कैमरे की बात कर रहे हैं।
सेल्समैन ने बताया, जी, मैं आपको बताना चाहूंगा कि मोबाइल कैमरे में शटर स्पीड कंट्रोल, एक्सपोजर कंपनसेशन,जीनोन फ्लैश है।
मैंने निवेदन किया, यार मोबाइल की बात करो, तो मोबाइल की बात करो। बातचीत के मामले में यह फोन क्या फीचर दे रहा है, सो बताओ।
सेल्समैन बोला-जी, आप निहायत पिछड़े हो रखे हैं। मोबाइल खरीदते समय बातचीत के फंक्शन्स की बात कौन करता है? जैसे नेताओं पर बातचीत में अब राष्ट्रसेवा की बात कौन करता है?
मैंने कहा, पर इसका काम तो बात करना-करवाना ही है।
सेल्समैन ने कहा-लो, फिर तो आप कहोगे कि नेताओं का काम राष्ट्रसेवा करना है। आप अठारहवीं शताब्दी के बंदे लगते हो। नया डेवलपमेंट यह है कि नेताओं के माफिक मोबाइल भी मल्टी फंक्शन्स दिखते हैं।
मैंने निवेदन किया, देखो, जिसका जो काम हो, उसे वही करना चाहिए। मोबाइल का काम बात करना-करवाना है, सो यह काम मोबाइल करे। फोटू खींचना कैमरे का काम है। मोबाइल से क्यों उम्मीद करो कि यह प्रोफेशनल फोटोग्राफी करेगा।
सेल्समैन ने कहा-देखिए, नई चाल के हिसाब से जिसका जो काम है, वह उसके लिए फेमस नहीं होता। देखिए एक नेता हैं, जो प्रॉपर्टी का काम करते हैं। एक प्रॉपर्टी डीलर हैं, वह टीवी चैनल चलाने का काम करते हैं। टीवी चैनल चलानेवाले योग सिखाते हैं। योग सिखानेवाले पॉलिटिक्स करते हैं। देखिए, हम नेता से शुरू हुए थे और नेता तक पहुंच गए।
मैंने निवेदन किया-मैं मोबाइल की बात कर रहा हूं।
सेल्समैन बोला-मैं भी मोबाइल की ही बात कर रहा हूं।
मैंने निवेदन किया-चलो, मोबाइल के और फीचर्स बताओ।
सेल्समैन बोला- सुपर साउंड स्पीकर्स, म्यूजिक सुनने में मजा आ जाएगा। मैंने निवेदन किया-उफ्फ, म्यूजिक सुनने को म्यूजिक सिस्टम खरीदूंगा। यह बताओ, मोबाइल बातचीत के मामले में यह फोन क्या फीचर दे रहा है?
सेल्समैन कह रहा है-उफ्फ, आप निहायत पिछड़े हुए लगते हैं, जो मोबाइल में सिर्फ बातचीत के फंक्शन्स देखते हैं।