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क्या सचमुच पाक में क्वारंटीन है दाऊद

रवींद्र दुबे
Updated Sun, 07 Jun 2020 08:21 AM IST
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दाऊद इब्राहिम

कोविड-19 और उसके विश्वव्यापी कहर की खबरों से जहां एक ओर पूरी दुनिया हिली हुई है, वहीं पड़ोसी पाकिस्तान द्वारा इस बीमारी से निपटने के समाचारों का अकाल पड़ा हुआ है। ऐसे में खुफिया एजेंसियों के हवाले से एक काफी दिलचस्प खबर आई है कि भारत का दुश्मन नंबर एक शेख दाऊद इब्राहिम कासकर और उसकी बीवी महजबीन बानो, दोनों कोरोना पीड़ित हैं और कराची में सेना के अस्पताल में क्वारंटीन में भर्ती हैं।



हालांकि दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम ने एक समाचार एजेंसी से चर्चा में इस बात से इनकार किया है कि दाऊद और महजबीन कोरोना पीड़ित हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा दी गई इस खबर के एकबारगी विश्वसनीय होने के कुछ पुख्ता कारण हैं।


खुफियागिरी के जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि हमारी एजेंसियों की पाकिस्तान में अच्छी-खासी घुसपैठ है। यहां तक कि अगर वहां पत्ता भी खड़कता है, तो नई दिल्ली को मालूम हो जाता है। पूर्व की कई घटनाएं इस बात की पुष्टि करती हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों का कहना है कि दाऊद और उसकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और उनके निजी स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों को भी क्वारंटीन कर दिया गया है।


इन एजेंसियों के अनुसार दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान की दुर्दांत खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के संरक्षण में कराची के क्लिफ्टन इलाके में रहता है। भारत के 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम विस्फोट सहित सीमा पार के अनेक आपराधिक मामलों में वह आरोपी है।


पिछले कई सालों से पाकिस्तान लगातार उसकी और उसके परिवार की मौजूदगी से इनकार करता आ रहा है। दिल्ली की रायसीना पहाड़ी पर बैठे उच्च पदस्थ लोगों का मानना है कि यदि कोरोना के चलते दाऊद की मौत हो जाती है, तो पाकिस्तान के लिए उसकी पहचान छिपाना मुश्किल होगा।


दाऊद का अंतिम संस्कार गुमनामी में करना मुश्किल होगा, क्योंकि उसके परिवार वाले और डी-कंपनी के कर्ताधर्ता ऐसा होने नहीं देंगे। फिर आईएसआई के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैले हुए उसके सिपहसालारों को समझाना बहुत मुश्किल होगा।


भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र और इंटरपोल सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को जो इंटेलिजेंस डोजियर मुहैया करवाया है, वह दर्शाता है कि दाऊद के गिरोह का, जिसे डी-कंपनी के नाम से जाना जाता है, कराची विमानतल से अफगानिस्तान तक विशाल ट्रांसपोर्ट व्यवसाय है।
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डी-कंपनी के ट्रक चालक पाकिस्तान-अफगान सीमा पर कैरियरों के माध्यम से हेरोइन की तस्करी करने में भी मदद करते हैं। हाल ही में दाऊद और उसके भाई अनीस ने पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में होटलों और रिसोर्ट के धंधे में काफी पैसा लगाया है। सिंध प्रांत में दाऊद के कई माल और हैदराबाद के निकट कोटरी में एक पेपर मिल भी हैं।


सूत्रों के अनुसार उक्त 150 पृष्ठीय डोजियर में दिए तथ्यों के सुबूत जुटाने में काफी पैसा भी खर्च हुआ है और काफी मेहनत भी लगी है। जैसे कि उसमें दाऊद का वह फोटो है, जब वह अपने मित्र और आईएसआई एजेंट तौफीक जालियांवाला की बेटी की शादी के समारोह में शामिल हुआ था।


इसके कुछ अंश गृह मंत्रालय ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों-फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) और सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) को भी उपलब्ध करवाए हैं। इन अंशों में साफ-साफ कहा गया है कि 'दाऊद इब्राहिम और उसके साथी फर्जी नामों, लेकिन असली पहचान पत्रों के साथ पाकिस्तान में हैं। पाकिस्तान सरकार के खुफिया अधिकारी और अंडरकवर एजेंट उसकी मदद करते हैं और उसे 'कवर' मुहैया करवाते हैं। वह और उसके साथी छोटा शकील और जमाल उर्फ टाइगर मेमन पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं।'


पाकिस्तान ने दाऊद को एक से अधिक अवसरों पर भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया है। पाकिस्तान ने शेख दाऊद इब्राहिम कासकर को शेख दाऊद हसन की पहचान दे रखी है। वह कराची की ठाठदार रिहायशी बस्ती क्लिफ्टन के अब्दुल्ला शाह गाजी दरगाह के सामने मोईन पैलेस नामक पीली ईंटों वाले बंगले में रहता है। उसके पास विभिन्न देशों के कई पासपोर्ट हैं।


पाकिस्तान के सामने एक दिक्कत और भी है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की डूबती नाव को दाऊद ने कई बार अपने काले धन से उबारा है। उसका व्यापार दुनिया के कई मुल्कों में फैला हुआ है, लिहाजा अरबों-खरबों की अपनी आमदनी वह पाकिस्तान को उसके वित्तीय संकट से उबारने में लगा देता है। ऐसे में यदि उसकी मौत होती है, तो पाकिस्तान में काफी कुछ मटियामेट हो सकता है। देखने वाली बात यह है कि पाकिस्तान इस संकट से कैसे उबरता है और क्या-क्या जतन करता है। वह जो कुछ भी करेगा, वह भारत की नजरों से छिपने वाला नहीं है।

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