हाल ही में संसद ने उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के उद्देश्य से उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 को मंजूरी दी है। इसका मकसद उपभोक्ताओं को अनुचित व्यापार व्यवहारों से होने वाले नुकसान से बचाना और व्यवस्था को सरल बनाना है। इसमें विवाद की न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। अब कोई भी उपभोक्ता शिकायत कर सकता है और 21 दिन के भीतर उसकी शिकायत स्वत: दर्ज हो जाएगी।
नए उपभोक्ता संरक्षण विधेयक के तहत पहली बार उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई और निपटारे के लिए नियामक बनाने का प्रस्ताव किया गया है। अब उपभोक्ता पांच प्रमुख अधिकारों से सशक्त बनेंगे। उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को तलाशी और जब्ती के अधिकार होंगे। खराब सामान बेचने पर विक्रेता और निर्माता, दोनों पर जुर्माने और पांच साल तक की सजा के प्रावधान लागू होंगे। अब शिकायतों की सुनवाई शीघ्र होगी।