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मानवीय बुद्धि: अंत में जीत मनुष्य की ही हो... उम्मीद है कि हम बीमारी और गरीबी को मिटाने का लक्ष्य रखेंगे

स्टीफन हॉकिंग, विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 26 Oct 2024 05:22 AM IST

सार

आज तक हमारी सभ्यता ने जो कुछ भी हासिल किया है, वह सब मानवीय बुद्धि का ही परिणाम है। लेकिन जब हमारे दिमाग का विस्तार एआई द्वारा होगा, तो यह अनुमान नहीं लगा सकते कि हम क्या हासिल कर सकते हैं।
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स्टीफन हॉकिंग - फोटो : अमर उजाला


मेरा मानना है कि जो कंप्यूटर द्वारा हासिल किया जा सकता है, वह हमारे जैविक मस्तिष्क द्वारा भी हासिल किया जा सकता है, इन दोनों के बीच कोई बहुत अंतर नहीं है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि कंप्यूटर सिद्धांत रूप से मानव बुद्धि का अनुकरण कर सकते हैं और उससे आगे निकल सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में सामने आई उपलब्धियां जैसे कि स्व-चालित कारें या शतरंज के खेल में कंप्यूटर का जीतना, ये सब आने वाले समय के संकेत हैं। इस तकनीक में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है। अब तक हमने जो उपलब्धियां देखी हैं, वे निश्चित रूप से आने वाले दशकों में मिलने वाली उपलब्धियों के सामने फीकी पड़ जाएंगी।


कृत्रिम बुद्धिमत्ता के हमारे जीवन में आने के संभावित लाभ बहुत हैं। लेकिन जब हमारे दिमाग का विस्तार एआई द्वारा होगा, तो यह अनुमान नहीं लगा सकते कि हम क्या हासिल कर सकते हैं। शायद इस नई तकनीकी क्रांति के साधनों से हम औद्योगिकीकरण द्वारा प्रकृति को पहुंचाए गए नुकसान को कम करने में सक्षम होंगे। और यह भी उम्मीद है कि अंततः हम बीमारी और गरीबी को मिटाने का लक्ष्य रखेंगे। हमारे जीवन का हर पहलू बदल जाएगा। संक्षेप में, एआई बनाने में सफलता, हमारी सभ्यता के इतिहास की सबसे बड़ी घटना हो सकती है। हमारा भविष्य तकनीक की बढ़ती शक्ति और बुद्धि के बीच की दौड़ है। आइए, हम सुनिश्चित करें कि हमारी बुद्धि की जीत हो।  



(दुनिया के सबसे चर्चित भौतिक विज्ञानियों में से एक स्टीफन हॉकिंग का छह साल पहले 14 मार्च 2018 को निधन हो गया था)
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